लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
motihari

मोतिहारी के सिकरहना नदी में डूबी महिला का शव मिला, इलाके में पसरा मातम

7/9/2026, 8:30:42 am
मोतिहारी के सिकरहना नदी में डूबी महिला का शव मिला, इलाके में पसरा मातम
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सिकरहना नदी में डूबी एक महिला का शव रविवार सुबह बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। घटना शनिवार शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। इस हादसे के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 35 वर्षीय रीना देवी पत्नी राजेश कुमार शनिवार शाम घरेलू कामकाज के लिए नदी किनारे गई थीं। वे नदी के घाट पर कपड़े धो रही थीं कि अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चली गईं। नदी में उस वक्त पानी का बहाव काफी तेज था। आसपास मौजूद कुछ महिलाओं ने शोर मचाया और बचाने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि कोई पास नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही मोतिहारी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। अंधेरा घिर आने के कारण तलाशी अभियान शनिवार को शुरू नहीं हो सका। रविवार सुबह छह बजे से एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू हुई। गोताखोरों को नदी की गहराई और तेज धार के कारण काफी परेशानी हुई। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग दो सौ मीटर दूर नदी से शव बरामद हुआ। मृतका के पति राजेश कुमार मजदूरी करते हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि रीना रोज की तरह नदी किनारे कपड़े धोने गई थी। अचानक पैर फिसलने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। दंपती के दो बच्चे हैं — बारह साल का बेटा और आठ साल की बेटी। मां की मौत से दोनों बच्चे सदमे में हैं। पड़ोसियों ने परिवार को ढांढस बंधाया। अंचलाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह दुर्घटना प्रतीत होती है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नदी घाट पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उन्होंने यह भी कहा कि घाट पर चेतावनी बोर्ड और रेलिंग लगाने की जरूरत है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और घाट फिसलन भरे हो जाते हैं। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

संबंधित