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वर्ल्ड ट्रेड सेंटर: निर्माण, हमले और पुनर्निर्माण की पूरी कहानी

11/9/2026, 12:52:40 am
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर: निर्माण, हमले और पुनर्निर्माण की पूरी कहानी
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वर्ल्ड ट्रेड सेंटर न्यूयॉर्क की पहचान बन चुका था। 1960 के दशक में इसकी योजना बनी और 1973 में दोनों टावर पूरे हुए। आर्किटेक्ट मिनोरू यामासाकी ने स्टील फ्रेम और कांच की दीवारें चुनीं ताकि इमारत हल्की और ऊंची दिखे। पहले टावर की ऊंचाई 417 मीटर थी और दूसरे की 415 मीटर। दोनों मिलाकर 110 मंजिल थे और उस समय दुनिया की सबसे ऊंची इमारतें थीं। निर्माण में करीब 1.2 लाख टन स्टील और 4 लाख घन मीटर कंक्रीट लगा। 1993 में एक ट्रक बम ने पार्किंग गैरेज में धमाका किया। छह लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। इस हमले ने सुरक्षा इंतजामों को कड़ा किया, लेकिन टावर खड़े रहे। 11 सितंबर 2001 को अलकायदा के आतंकियों ने दो हवाई जहाज टकरा दिए। पहला विमान उत्तर टावर से टकराया, दूसरा दक्षिण टावर से। दोनों इमारतें एक घंटे के भीतर गिर गईं। लगभग 2,750 लोग मारे गए, जिनमें यात्री, कर्मचारी और बचावकर्मी शामिल थे। गिरने के बाद जगह को 'ग्राउंड ज़ीरो' कहा गया। मलबा हटाने में महीनों लगे और हवा में धूल से कई लोगों को सांस की बीमारियां हुईं। 2002 में स्मारक बनाने की योजना शुरू हुई और 2011 में 'नेशनल सेप्टेंबर 11 मेमोरियल' खुला। नए टावर 'वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर' 2014 में पूरा हुआ। इसकी ऊंचाई 541 मीटर है और यह अमेरिका की सबसे ऊंची इमारत है। आज यहां कारोबार, संग्रहालय और पर्यटक एक साथ आते हैं। इस पूरी कहानी से पता चलता है कि इमारतें बनती हैं, गिरती हैं और फिर नए रूप में खड़ी होती हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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