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यूरोप के पांच देशों ने अवैध प्रवासियों के निर्वासन के लिए समझौता किया; विदेश में वापसी केंद्र बन सकते हैं

5/9/2026, 1:06:43 am
यूरोप के पांच देशों ने अवैध प्रवासियों के निर्वासन के लिए समझौता किया; विदेश में वापसी केंद्र बन सकते हैं
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यूरोप के पांच प्रमुख देशों ने अवैध प्रवासियों को तेजी से वापस भेजने के लिए एक संयुक्त समझौता किया है। जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन और नीदरलैंड ने मिलकर एक साझा तंत्र बनाने का फैसला लिया है जिसके तहत पहचान, हिरासत और निर्वासन की प्रक्रिया एक ही मंच पर चलेगी। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से सीमा पर दबाव घटेगा और प्रवासियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। यूरोपीय आयोग ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह यूरोप की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। समझौते में यह भी प्रस्ताव है कि वापसी केंद्र यूरोप के बाहर स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों को रिटर्न हब नाम दिया गया है जहां प्रवासियों को अस्थायी रूप से रखा जाएगा और फिर उनके मूल देश भेजा जाएगा। मानवाधिकार संगठनों ने इस प्रस्ताव पर गहरी चिंता जताई है। उनका तर्क है कि विदेशी धरती पर बने केंद्रों में प्रवासियों के साथ दुर्व्यवहार हो सकता है और अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन संभव है। यूरोपीय संसद के कई सदस्यों ने भी सवाल उठाए हैं कि क्या ये केंद्र यूरोपीय कानून के दायरे में आएंगे। कुछ सांसदों ने मांग की है कि किसी भी केंद्र में स्वतंत्र निगरानी तंत्र अनिवार्य हो। फिलहाल पांचों देश अपने राष्ट्रीय कानूनों में जरूरी संशोधन कर रहे हैं। अगले छह महीने में पायलट परियोजना शुरू होने की उम्मीद है। यदि प्रयोग सफल रहता है तो अन्य यूरोपीय देश भी इस मॉडल को अपना सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से यूरोप की प्रवासन नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। लेकिन सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वापसी केंद्र कैसे संचालित होंगे और मानवाधिकारों का कितना ध्यान रखा जाएगा। यूरोपीय संघ की नई प्रवासन रणनीति में यह समझौता एक अहम कदम माना जा रहा है। आयोग ने कहा है कि वह सदस्य देशों को तकनीकी और वित्तीय सहायता देगा ताकि वापसी केंद्र जल्द से जल्द चालू हो सकें। इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने चेतावनी दी है कि बिना स्पष्ट मानवाधिकार गारंटी के ऐसे केंद्र विवाद का कारण बन सकते हैं। संगठन ने यूरोप से मांग की है कि वह पारदर्शी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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