लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

जुकरबर्ग की जूरी में घबराहट: ड्रग तस्करों की तुलना ने बढ़ाई मुश्किलें

30/8/2026, 12:38:21 am
जुकरबर्ग की जूरी में घबराहट: ड्रग तस्करों की तुलना ने बढ़ाई मुश्किलें
Original publisher image
मार्क जुकरबर्ग पिछले हफ्ते फेडरल कोर्ट में जूरी के सामने पेश हुए। उनके वकीलों ने कहा कि मेटा के खिलाफ दर्ज किशोरों के सोशल मीडिया लत के मामले में 17.1 अरब डॉलर का समझौता किया गया है, लेकिन अभियोजकों ने इस तुलना को ड्रग तस्करों के समान करके मामले की गंभीरता बढ़ा दी। जुकरबर्ग ने अदालत में कहा कि वह अपनी प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी समझते हैं और युवा उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए नए उपाय लाने को तैयार हैं। मामले की पृष्ठभूमि में कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने मिलकर आरोप लगाया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के डिजाइन ने किशोरों को लत की ओर धकेला, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा। अभियोजकों ने इस तुलना को इसलिए किया कि ड्रग तस्करों की तरह ये प्लेटफॉर्म भी युवाओं को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पाद बेच रहे हैं। इस तुलना ने जूरी के मन में पूर्वाग्रह पैदा करने की कोशिश की, जिससे जुकरबर्ग की स्थिति और भी संवेदनशील हो गई। मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि समझौते के तहत कंपनी ने प्लेटफॉर्म पर उम्र सत्यापन को मजबूत करने, किशोरों के लिए सामग्री फ़िल्टरिंग में सुधार लाने और डेटा गोपनीयता नियमों का पालन सुनिश्चित करने का वादा किया है। साथ ही, मेटा ने युवा उपयोगकर्ताओं के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करने वाले टूल्स को डिफ़ॉल्ट रूप से सक्षम करने की योजना बनाई है। इन कदमों को नियामक निकायों और अभिभावक समूहों ने सकारात्मक बताया है, हालांकि कुछ आलोचकों का मानना है कि ये उपाय पर्याप्त नहीं हैं और अधिक कड़े कानूनों की जरूरत है। जुकरबर्ग की घबराहट का एक कारण यह भी है कि यदि मामला पूरी तरह से ट्रायल में जाता तो कंपनी को और भी बड़ा आर्थिक जुर्माना तथा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। समझौते ने इस जोखिम को टाल दिया है, लेकिन जूरी के सामने रखी गई दलीलों ने मेटा के भविष्य के नीति制定 पर असर डालने का संकेत दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले के बाद मेटा को अपने एल्गोरिदम को और अधिक पारदर्शी बनाना होगा, ताकि युवा दर्शकों को नुकसान पहुँचाने वाले पैटर्न से बचा जा सके। अंत में, जबकि समझौते ने तात्कालिक वित्तीय बोझ को कम कर दिया है, लंबी अवधि में मेटा की ब्रांड छवि और नीति दिशा पर इसका असर दिखेगा। कंपनी को अब यह दिखाना होगा कि वह सामाजिक उत्तरदायित्व को गंभीरता से ले रही है और अपने उत्पादों को सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित