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बिहार में 12 साल के बच्चे की सांस की नली में फंसी सीटी, डॉक्टरों ने तुरंत ब्रोंकोस्कोपी कर बचाई जान

12/9/2026, 2:29:47 am
बिहार में 12 साल के बच्चे की सांस की नली में फंसी सीटी, डॉक्टरों ने तुरंत ब्रोंकोस्कोपी कर बचाई जान
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक गांव में 12 साल के रोहन कुमार ने खेलते समय एक छोटी प्लास्टिक की सीटी मुंह में डाल ली। सीटी उसकी सांस की नली में फंस गई और वह तुरंत सांस लेने में कठिनाई महसूस करने लगा। परिवार वालों ने बिना देर किए उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक जांच में वायुमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध पाया गया। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता देखते हुए तत्काल ब्रोंकोस्कोपी की योजना बनाई और विशेषज्ञ एनेस्थीसिया टीम को बुलाया। ऑपरेशन थियेटर में एंडोस्कोप के माध्यम से सीटी को धीरे‑धीरे बाहर निकाला गया; पूरी प्रक्रिया लगभग पंद्रह मिनट चली। सीटी निकलते ही रोहन की सांस सामान्य हो गई और उसे आईसीयू में निगरानी के लिए रखा गया। डॉ. अमित सिंह, जो बाल रोग विशेषज्ञ हैं, ने बताया कि समय पर हस्तक्षेप से बच्चे की जान बच सकी। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि छोटे बच्चों को ऐसी वस्तुएं मुंह में न डालने दें और खेल के दौरान निगरानी रखें। स्थानीय प्रशासन ने अस्पताल की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और स्वास्थ्य विभाग से ऐसे मामलों के लिए जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया। रोहन अब पूरी तरह स्वस्थ है और परिवार ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आभार व्यक्त किया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि पिछले छह महीनों में इस तरह के तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें सभी बच्चों को समय पर ब्रोंकोस्कोपी से बचाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी वस्तुएं जैसे सीटी, मोती या बटन बच्चों के वायुमार्ग में आसानी से फंस सकती हैं क्योंकि उनकी श्वास नली वयस्कों की तुलना में संकरी होती है। माता‑पिता को सलाह दी जाती है कि वे खिलौने और घरेलू सामान को बच्चों की पहुंच से दूर रखें और किसी भी असामान्य खांसी या सांस लेने में दिक्कत पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। इस घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता को भी उजागर किया, क्योंकि सामुदायिक केंद्र में ही प्रारंभिक निदान और रेफरल की सुविधा उपलब्ध थी। स्वास्थ्य विभाग अब स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता सत्र आयोजित करने की योजना बना रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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