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पाकिस्तान में 125 साल पुराना मंदिर ढहाया, टीएलपी पर आरोप; हिंदू अल्पसंख्यकों में दहशत

2/9/2026, 4:22:14 am
पाकिस्तान में 125 साल पुराना मंदिर ढहाया, टीएलपी पर आरोप; हिंदू अल्पसंख्यकों में दहशत
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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में 125 साल पुराने हिंदू मंदिर को ढहाने का मामला तूल पकड़ रहा है। आरोप है कि चरमपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के कार्यकर्ताओं ने मदरसे की जमीन के विवाद में इस प्राचीन मंदिर को निशाना बनाया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर मंदिर को जमींदोज कर दिया गया, जबकि हिंदू समुदाय ने लाहौर हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले रखा था। टीएलपी पाकिस्तान का एक कट्टरपंथी संगठन है जो ईशनिंदा कानून को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाता रहा है। 2015 में खादिम हुसैन रिजवी ने इसकी स्थापना की थी। रिजवी की मौत के बाद उनके बेटे साद हुसैन रिजवी संगठन की कमान संभाल रहे हैं। टीएलपी ने पिछले कुछ सालों में कई बार हिंसक प्रदर्शन किए और सरकार को अपने आगे झुकने पर मजबूर किया। 2021 में फ्रांस के राजदूत को निकालने की मांग को लेकर इस्लामाबाद में कई दिनों तक धरना दिया गया था। नारोवाल की घटना में मंदिर की जमीन पर मदरसा बनाने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय हिंदू समुदाय का कहना है कि यह मंदिर बंटवारे के समय से उनकी आस्था का केंद्र रहा है। मंदिर में स्थापित मूर्तियां और धार्मिक ग्रंथ भी तोड़फोड़ का शिकार हुए। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक लगातार दबाव और भय के माहौल में जी रहे हैं। मंदिरों पर हमले, जबरन धर्म परिवर्तन, अपहरण और जमीन हड़पने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सिंध और पंजाब प्रांत में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1947 में पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी करीब 15 फीसदी थी, जो अब घटकर दो फीसदी से भी कम रह गई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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