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9/11 की 25वीं बरसी: इराक-अफगानिस्तान युद्ध में 7 हज़ार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक शहीद, क्या मिला?

1/9/2026, 11:30:37 pm
9/11 की 25वीं बरसी: इराक-अफगानिस्तान युद्ध में 7 हज़ार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक शहीद, क्या मिला?
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अमेरिका ने 11 सितंबर 2001 के हमलों की 25वीं बरसी मनाई। इस मौके पर इराक और अफगानिस्तान में लड़ी गई लंबी जंगों की याद ताजा हुई। दोनों युद्धों में 7,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की जान गई। लाखों नागरिक भी मारे गए या विस्थापित हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर शुरू हुई इन जंगों ने क्षेत्र की स्थिरता को और कमजोर किया। इराक में सद्दाम हुसैन की सत्ता गिराने के बाद सांप्रदायिक हिंसा बढ़ी। अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी ने 20 साल की कोशिशों को नाकाम कर दिया। अमेरिकी रक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 7,057 सैनिक शहीद हुए और 50,000 से ज्यादा घायल हुए। इराक में 4,500 से अधिक और अफगानिस्तान में 2,500 से अधिक सैनिक मारे गए। आर्थिक बोझ भी भारी पड़ा – अनुमानित 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च हुए। भारतीय दृष्टिकोण से देखें तो दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर इन युद्धों का अप्रत्यक्ष असर पड़ा। पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर आतंकी गतिविधियां बढ़ीं। भारत ने अपनी खुफिया और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया। फिर भी कई विश्लेषक मानते हैं कि अल-कायदा का नेटवर्क काफी हद तक टूटा। ओसामा बिन लादेन 2011 में मारा गया। लेकिन नए चरमपंथी समूह उभरे हैं जो वैश्विक खतरा बने हुए हैं। अमेरिकी कांग्रेस में अब युद्ध की समीक्षा की मांग उठ रही है। कुछ सांसद सैन्य खर्च घटाने और कूटनीति पर जोर देने की बात कर रहे हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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