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99 साल की अमेरिकी प्रोफेसर और 22 साल की वसुधा ने सदी पुरानी गणित पहेली सुलझाई

6/9/2026, 10:53:02 pm
99 साल की अमेरिकी प्रोफेसर और 22 साल की वसुधा ने सदी पुरानी गणित पहेली सुलझाई
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वाशिंगटन, 7 सितंबर : एक असाधारण शैक्षणिक उपलब्धि में 99 वर्षीय अमेरिकी प्रोफेसर एलिनोर मिचेल और 22 वर्षीय भारतीय मूल की वसुधा शर्मा ने एक ऐसी गणितीय पहेली को हल कर दिखाया है जिस पर पिछली सदी से शोध चल रहा था। प्रोफेसर मिचेल शिकागो विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त गणित प्रोफेसर हैं, जबकि वसुधा मुंबई की रहने वाली हैं और अभी आईआईटी बॉम्बे में गणित की स्नातकोत्तर छात्रा हैं। दोनों ने एक साल तक ई‑मेल और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मिलकर काम किया और अंत में सफलता प्राप्त की। पहेली 1891 में फ्रांसीसी गणितज्ञ एडुआर्ड लुकास ने रखी थी। इसे "गुणात्मक जादुई वर्ग" कहते हैं — छह पंक्तियों और छह स्तंभों वाला एक वर्ग जिसमें संख्याएँ इस तरह भरी जाएँ कि हर पंक्ति, हर स्तंभ और दोनों विकर्णों का गुणनफल एक समान रहे। लंबे समय तक यह साबित नहीं हो पाया था कि ऐसा वर्ग वास्तव में मौजूद है या नहीं। प्रोफेसर मिचेल और वसुधा ने संख्या सिद्धांत के आधुनिक सूत्रों और कंप्यूटर‑आधारित खोज एल्गोरिदम को मिलाकर न केवल इसके अस्तित्व को सिद्ध किया, बल्कि पहले से ज्ञात किसी भी उदाहरण से अलग एक नया गुणात्मक जादुई वर्ग भी प्रस्तुत किया। उनके समाधान की पुष्टि यूरोप और एशिया के दो स्वतंत्र शोध समूहों ने की है। गणितीय समुदाय इसे एक बड़ी मील का पत्थर मान रहा है क्योंकि यह एक शताब्दी पुरानी खुली समस्या का समाधान देता है और साथ ही अनुभव व युवा प्रतिभा के मेल की ताकत को दर्शाता है। वसुधा ने कहा, "इस काम ने मुझे गहरी संख्यात्मक संरचनाओं को समझने का मौका दिया और दिखाया कि उम्र कोई बाधा नहीं होती।" प्रोफेसर मिचेल ने भी युवा सहयोगी की ऊर्जा को सराहा और भविष्य में ऐसी और साझेदारियों की उम्मीद जताई।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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