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एक शब्द 'बाबू' ने खोली पुलिस की पहेली

23/8/2026, 6:40:46 am
एक शब्द 'बाबू' ने खोली पुलिस की पहेली
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एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की अचानक हत्या ने पूरे शहर को हिला दिया। घटना रात के समय हुई जब वह अपने घर में अकेली थीं। हमलावर ने उन्हें धारदार हथियार से कई बार वार किया, जिससे उनकी मौत spot पर हो गई। पुलिस ने तुरंत स्थान पर पहुंचकर सबूत जुटाना शुरू किया। हत्या से कुछ ही घंटे पहले रूपा ने अपने मोबाइल पर छोटी बहन से बात की। बातचीत के दौरान उन्होंने अचानक कहा, ‘बाबू’ और फिर फोन गिर गया। बहन ने बताया कि रूपा की आवाज में डर और आश्चर्य दोनों थे, जैसे किसी अप्रत्याशित व्यक्ति ने उन्हें देख लिया हो। फोन बंद होने के बाद बहन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहले फोन रिकॉर्ड की जाँच की, लेकिन बातचीत का आखिरी शब्द स्पष्ट नहीं मिल रहा था। फिर बहन ने दोहराया कि रूपा ने साफ़-साफ़ ‘बाबू’ कहा था। इस एक शब्द ने 조사 अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि स्थानीय भाषा में ‘बाबू’ अक्सर किसी znan person को संबोधित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। जाँच टीम ने रूपा के संपर्क सूची और सामाजिक मीडिया खातों की छानबीन की। उनमें से एक नाम ‘बाबू’ सामने आया – यह एक पुरुष मित्र का उपनाम था जो अक्सर रूपा के घर आना-जाना करता था। पुलिस ने उस व्यक्ति को तलब करके पूछताछ की, जहाँ उसने inizialmente इंकार किया लेकिन तकनीकी साक्ष्य उसके मोबाइल की last known location को घटनास्थल के पास रखते हैं। तकनीकी टीम ने रूपा के फोन से डेटा रिकवर किया, जिसमें अंतिम कॉल का टाइमस्टैप और स्थान दोनों मिले। location डेटा दर्शाता है कि फोन कॉल終了 के कुछ मिनट बाद forma़र संदिग्ध की गाड़ी घटना स्थल से कुछ सौ मीटर दूर देखी गई। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज में एक आदमी रूपा के घर के बाहर घुमते हुए दिखाई दिया, जो कपड़ों और चलन के आधार पर उसी व्यक्ति की पहचान करता है। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ हत्या, सबूत नष्ट करने और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत charges दायर किए। अदालत में प्रस्तुत किए गए अभ्यावेदन में पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल ट्रैकिंग को मुख्य सबूत बताया। आरोपी की ओर से दावा किया गया कि वह घटना के समय कहीं और था, लेकिन उसका alibi पुख्ता नहीं साबित हो पाया। मामले की सुनवाई जारी है और न्यायालय ने अगली तारीख पर फैसला सुरक्षित रखी है। यदि दोषी ठहराया जाता है तो आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। इस बीच, रूपा के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए शांति मार्च निकाला और समुदाय के लोगों से सहयोग की अपील की। इस घटना ने फिर से दिखाया कि aparentemente छोटी सी बात भी जाँच का महत्वपूर्ण मोड़ बन सकती है। ‘बाबू’ जैसे साधारण शब्द ने पुलिस को सही दिशा में導き, अपराधी तक पहुँचने का रास्ता खोला। यह सबक़ है कि हर छोटा सुराग जाँच में मूल्यवान हो सकता है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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