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चीन टैक्सी बुक करो, आ जाएगी स्मार्ट कार, AI ने बदली रोज़मर्रा की जिंदगी
24/8/2026, 12:59:24 am

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चीन में इन दिनों एक नई आदत बन रही है। जब यात्री टैक्सी बुक करता है, तो स्क्रीन पर एक संदेश दिखता है कि कार आधुनिक और स्वचालित है। वह कार कोई सामान्य टैक्सी नहीं है। इसमें बैठते ही यात्री को भुगतान करने की जरूरत नहीं होती। AI प्रणाली सीधे कीमत तय करती है, रूट बदलती है और यात्री की पसंद के अनुसार कार को अनुकूलित करती है। लेकिन यह सिर्फ पैसे काटने का तरीका नहीं है। AI भी यात्रा को व्यक्तिगत बनाता है, जिससे यात्री को भीड़ भाड़ वाली सड़कों पर इंतजार नहीं करना पड़ता। डिजिटल भुगतान पूरी तरह स्वचालित है। कोई नकद या कार्ड नहीं, सिर्फ एक क्लिक पर पैसा गायब हो जाता है। इस तरह की प्रणाली अब कई कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही है। कंपनियां डेटा संग्रहित करके यात्री के व्यवहार को समझती हैं और भविष्य में क्या चाहिए, यहpredict करती हैं। परिणामस्वरूप, रोज़मर्रा की कई चीज़ें जैसे भोजन का ऑर्डर, टिकट बुकिंग या दवा की खरीद में भी AI की भूमिका बढ़ती जा रही है। एक यात्री ने बताया कि उसने एक बार कार बुक की, लेकिन कीमत तुरंत उसके खाते से कट गई। उसने नोट किया कि अब वह भीड़ भाड़ वाली सड़कों पर इंतजार नहीं करता। ऐसे कई लोग अब सोचते हैं कि क्यों traditional cash transaction शर्मनाक या समय बर्बाद करने वाला लगता है। सरकार भी इस बदलाव को समर्थन दे रही है। उसने डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने के लिए कई नियम बनाए हैं और निवेश बढ़ाने की घोषणा की है। फिर भी सवाल उठते हैं कि क्या यह प्रौद्योगिकी सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध है? गाँव के छोटे दुकानदारों को अब भी कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन ancora भी AI की ताकत बढ़ती जा रही है। हर साल नई अपडेट्स आते हैं और चीनी शहरों में सड़कों पर स्मार्ट कारों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। समग्रता में, यह परिवर्तन सिर्फ कारों का नहीं, बल्कि हमारी सोचने और खर्च करने के तरीके को भी बदल रहा है। AI ने रोज़मर्रा को इतना आसान बना दिया है कि लोग अब सोचते हैं, 'क्यों न करें?' डिजिटल भुगतान के साथ लोगों की निजता भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। कंपनियां उपयोगकर्ता की खरीदारी और यात्रा की जानकारी को इकट्ठा करती हैं, जिससे व्यक्तिगत डेटा का उपयोग कैसे किया जाए, इस पर नियम बनाना आवश्यक है। चीनी सरकार ने डेटा सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए हैं, लेकिन फिर भी कई लोग अपने डेटा के misuse के बारे में सतर्क रहते हैं। आगे चलकर इस तकनीक का विस्तार और भी गहरा होगा। उम्मीद है कि तीसरे स्तर के AI, यानी मशीन लर्निंग मॉडल, रोज़मर्रा के खर्च को भी पूरी तरह स्वचालित कर देंगे। चाहे वह ऑनलाइन शॉपिंग हो या घर का बिल, सब कुछ एक क्लिक में निपट जाएगा। इस तरह की व्यवस्था से न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि लेनदेन में गलती की संभावना भी घटेगी।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
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