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आदित्य एल-1 ने खोला सूर्य की कोरोना का रहस्य: 4 करोड़ डिग्री अधिक गर्म

14/8/2026, 9:37:13 pm
आदित्य एल-1 ने खोला सूर्य की कोरोना का रहस्य: 4 करोड़ डिग्री अधिक गर्म
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भारत के आदित्य एल-1 मिशन ने सूर्य की बाहरी परत यानी कोरोना का तापमान पहली बार इतनी सटीकता से मापा है। नए आंकड़ों के अनुसार कोरोना का तापमान सतह के लगभग पांच हजार डिग्री सेल्सियस के मुकाबले चार करोड़ डिग्री अधिक पाया गया है। वैज्ञानिकों ने इस भारी अंतर को समझाने के लिए मैग्नेटिक रीकनेक्शन, अल्फवेन तरंगें और नैनोफ्लेयर जैसे कई सिद्धांत प्रस्तावित किए थे। आदित्य एल-1 के स्पेक्ट्रोमीटर ने अत्यधिक ऊर्जा वाले एक्स-रे और अल्ट्रावायलेट फोटॉनों को लगातार रिकॉर्ड किया, जिससे कोरोना की ऊष्मा स्रोतों की पहचान संभव हुई। डेटा दिखाता है कि मैग्नेटिक रीकनेक्शन की घटनाएं कोरोना के निचले हिस्से में तीव्र गर्मी पैदा करती हैं, जबकि अल्फवेन तरंगें ऊपरी भाग में ऊर्जा पहुंचाती हैं। फिर भी मौजूदा सैद्धांतिक मॉडल पूरे चार करोड़ डिग्री के अंतर को पूरी तरह से पुन: उत्पन्न नहीं कर पा रहे हैं, जिससे भौतिकी के नए नियमों की जरूरत महसूस हो रही है। आदित्य एल-1 टीम अब उच्च-रिज़ॉल्यूशन सिमुलेशन चला रही है ताकि मैग्नेटिक फील्ड की बारीक संरचना और प्लाज्मा गतिविधि को एक साथ मॉडल किया जा सके। यह खोज सौर भौतिकी के साथ-साथ अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान, उपग्रह संचार और पावर ग्रिड सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले महीनों में मिशन अतिरिक्त डेटा साझा करेगा, जिससे कोरोना गर्मी की पहेली का अंतिम समाधान निकट आ सकता है। आदित्य एल-1 को 2023 में लॉन्च किया गया था और यह सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंज बिंदु L1 पर स्थित है, जहां से यह लगातार सूर्य का निरीक्षण कर सकता है। मिशन के मुख्य उपकरणों में विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ, सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप और एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर शामिल हैं, जो अलग-अलग तरंगदैर्ध्य पर कोरोना का अध्ययन करते हैं। पहले के यानों जैसे पार्कर सोलर प्रोब और सोलर ऑर्बिटर ने भी कोरोना के निकट जाकर डेटा जुटाया, लेकिन आदित्य एल-1 की स्थिर स्थिति लंबे समय तक निरंतर अवलोकन देती है। वैज्ञानिक समुदाय इस नए डेटा का उपयोग सौर तूफान की भविष्यवाणी मॉडल को सुधारने और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में करेगा। इस बीच, ISRO ने आदित्य एल-1 के अगले चरण में सौर हवा के कणों का सीधा नमूना लेने के लिए एक छोटा प्रोब जोड़ने की योजना बनाई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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