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एआई और रोबोटिक्स से मेडिकल शिक्षा में नया दौर, सुझाव मांगे

31/8/2026, 4:21:50 am
एआई और रोबोटिक्स से मेडिकल शिक्षा में नया दौर, सुझाव मांगे
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केंद्र सरकार ने मेडिकल शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का बड़ा फैसला लिया है ताकि भावी डॉक्टरों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिल सके। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की मदद से पढ़ाई और प्रशिक्षण को बेहतर बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने सभी हितधारकों – विश्वविद्यालय, अस्पताल, टेक कंपनियां और छात्र संगठन – से लिखित सुझाव मांगे हैं। नई योजना में वर्चुअल रियलिटी लैब, AI आधारित डायग्नोसिस टूल और रोबोटिक सर्जरी सिमुलेटर लगाने का प्रावधान है। छात्र इन उपकरणों के साथ वास्तविक मरीजों की तरह केस स्टडी कर सकेंगे और गलतियों की गुंजाइश कम होगी। AI एल्गोरिदम बड़ी मात्रा में चिकित्सा डेटा का विश्लेषण करके व्यक्तिगत लर्निंग पाथ सुझाएगा जिससे प्रत्येक विद्यार्थी अपनी कमजोरी पर काम कर सके। रोबोटिक्स की मदद से जटिल सर्जरी के चरण बार‑बार दोहराए जा सकेंगे, जिससे हाथ का कौशल और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेंगे। सुझाव देने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर रखी गई है और प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में पांच प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में ये सुविधाएं शुरू होंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक के इस मिश्रण से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा पहुंच सकेगी। टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म के साथ AI टूल्स जोड़कर दूरस्थ छात्रों को लाइव डेमो और रियल‑टाइम फीडबैक मिल सकेगा। हालांकि कुछ शिक्षाविदों ने चेतावनी दी है कि केवल तकनीक पर निर्भर रहना पारंपरिक क्लिनिकल अनुभव को कमजोर कर सकता है। उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने और प्रैक्टिकल वार्ड राउंड को बनाए रखने की सलाह दी है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि AI और रोबोटिक्स केवल सहायक उपकरण होंगे, शिक्षक की भूमिका केंद्रीय रहेगी। अगर सुझाव समय पर मिले तो नए शैक्षणिक सत्र से इन बदलावों को लागू किया जा सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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