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नौसेना को मिला दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल ‘आईएनएस निपुण’, गहरे समुद्र में बढ़ेगी ताकत

31/8/2026, 4:50:32 am
नौसेना को मिला दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल ‘आईएनएस निपुण’, गहरे समुद्र में बढ़ेगी ताकत
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भारतीय नौसेना ने मुंबई नौसेना डॉकयार्ड में दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल ‘आईएनएस निपुण’ को सेवा में शामिल किया। यह जहाज गहरे समुद्र में गोताखोरों को सहायता देने, सबमरीन बचाव और अंडरवॉटर निर्माण जैसे कामों के लिए बनाया गया है। निपुण की लंबाई 108 मीटर, वजन 9,300 टन और इसमें दो डीप‑सबमर्जिबल रेस्क्यू व्हीकल (DSRV) रखे जा सकते हैं। जहाज पर 120 मीटर लंबा डाइविंग बैलून, हाई‑प्रेशर एयर कंप्रेसर और मेडिकल फैसिलिटी भी लगी है। नौसेना के अनुसार यह वेसल पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों पर तैनात होगा और आपात स्थिति में 48 घंटे के अंदर किसी भी पनडुब्बी तक पहुंच सकेगा। इससे पहले पहला DSV ‘आईएनएस निरीक्षक’ 2022 में शामिल हुआ था। निपुण उसकी क्षमता को दोगुना करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जहाज को हरी झंडी दिखाई और कहा कि यह स्वदेशी तकनीक का प्रतीक है। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने बताया कि निपुण से समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता अभियानों में तेजी आएगी। जहाज का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है और इसमें 70 फीसदी स्वदेशी सामग्री लगी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के वेसल से भारत का अंडरवॉटर डोमेन अवेयरनेस मजबूत होगा और इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त मिलेगी। भविष्य में निपुण को सबमरीन केबल मरम्मत, ऑइल रिग सुरक्षा और वैज्ञानिक शोध अभियानों में भी लगाया जा सकता है। नौसेना ने इसके संचालन के लिए 120 प्रशिक्षित गोताखोरों और तकनीकी दल को तैयार किया है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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