लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

अजित पवार की मौत के बाद एनसीपी में घमासान, सुप्रिया-सुनेत्रा आमने-सामने

4/9/2026, 5:38:27 am
अजित पवार की मौत के बाद एनसीपी में घमासान, सुप्रिया-सुनेत्रा आमने-सामने
Original publisher image
महाराष्ट्र में अजित पवार की मौत के बाद एनसीपी के दोनों धड़ों में तनातनी बढ़ गई है। सुप्रिया सुले ने सत्ताधारी गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सत्ता का मजा ले रहे हैं जबकि पार्टी के पुराने साथी दुख में हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अजित पवार की मौत को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जवाब में सुनेत्रा पवार ने पलटवार किया और कहा कि सुप्रिया अपनी राजनीति चमकाने के लिए परिवार के दुख का इस्तेमाल कर रही हैं। सुनेत्रा ने आगे कहा कि अजित पवार की याद को सियासी लड़ाई का हथियार नहीं बनाना चाहिए। दोनों नेताओं के बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी बहस छिड़ गई। एनसीपी-एसपी गुट का दावा है कि वे पार्टी की मूल विचारधारा को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। वहीं सत्ताधारी गुट का कहना है कि वे जनता के भरोसे पर काम कर रहे हैं और किसी भी आरोप को खारिज करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद से महाराष्ट्र की सियासी स्थिरता पर असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना कम दिख रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शांति की अपील की है लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। जनता देख रही है कि परिवार की लड़ाई कितनी आगे जाएगी और इसका असर चुनावी समीकरण पर क्या होगा। अजित पवार लंबे समय तक महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे और उनकी छवि एक मजबूत प्रशासक की थी। उनकी अचानक मौत से पार्टी के दोनों गुटों में खालीपन महसूस हो रहा है और नेतृत्व की लड़ाई तेज हो गई है। सुप्रिया सुले ने कहा कि सत्ताधारी गुट केवल अपनी कुर्सी बचाने में लगा है जबकि जनता की समस्याएं अनदेखी हो रही हैं। सुनेत्रा पवार ने जवाब में पूछा कि क्या सुप्रिया को अपने भाई की मौत पर राजनीति करना उचित लगता है। दोनों पक्षों के समर्थक सड़कों पर नारे लगा रहे हैं और सोशल मीडिया पर हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विवाद पर टिप्पणी से इनकार किया और कहा कि कानून अपना काम करेगा। विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह लड़ाई लंबी चली तो आगामी लोकसभा चुनाव में एनसीपी को नुकसान हो सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित