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सूडान में 59 हजार मौतों के बाद अमेरिका ने UN से हथियार प्रतिबंध की मांग बढ़ाई

25/8/2026, 2:43:15 am
सूडान में 59 हजार मौतों के बाद अमेरिका ने UN से हथियार प्रतिबंध की मांग बढ़ाई
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सूडान में चल रहे युद्ध से पिछले आठ महीनों में लगभग 59 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस संख्या में नागरिक, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जबकि सरकारी सेना और तेज़ी से बढ़ रहे paramilitary समूह के लड़ाके भी मारे गए हैं। अस्पतालों में दवाइयों की कमी, खाद्य सामग्री की किल्लत और बुनियादी सेवाओं का अभाव देखे जा रहे हैं, जिससे मानवीय संकट दिन‑ब‑दिन गहरा होता जा रहा है। इस भयानक आंकड़े को देखते हुए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के सामने कदम बढ़ाया है। वॉशिंगटन ने UN सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव रखा है जिसमें पूरे सूडान में हथियारों के आयात, निर्यात और الداخلية स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। अमेरिकी दूत ने कहा कि ऐसा प्रतिबंध केवल तभी प्रभावी होगा जब उल्लंघन करने वाले देशों या कंपनियों पर आर्थिक दंड लगाया जाए और उनके सामान जब्त किए जाएं। प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध में मानवीय सहायता के लिए जरूरी छूट रखी जाएगी ताकि खाद्य पैकेट, दवाइयां और ईंधन की आपूर्ति बाधित न हो। अमेरिका ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंध का उद्देश्य लड़ाइयों को रोकना है, न कि आम नागरिकों की तकलीफ बढ़ाना है। कई अफ्रीकी और अरब राष्ट्रों ने इस कदम का समर्थन किया है, जबकि कुछ देशों ने चिंता जताई कि पूर्ण बैन से शांति वार्ता के अवसर कम हो सकते हैं। हालांकि अमेरिका का मानना है कि जब तक हथियारों की आपूर्ति नहीं रुकेगी, बातचीत का कोई अर्थ नहीं रहेगा। इसलिए वह अपने नाटो सहयोगियों और खाड़ी देशों के साथ मिलकर दबाव बनाना जारी रखेगा। पिछले वर्षों में सूडान में आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन उनका असर सीमित रहा क्योंकि हथियारों की तस्करी neighbouring देशों के ज़रिए जारी रही। इस बार अमेरिका ने सीमा शुल्क एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय निगरानी संगठनों को सक्रिय करने की योजना बनाई है ताकि अवैध शिपमेंट्स को रोका जा सके। साथ ही, वह लिबिया और चाड जैसे पड़ोसी राष्ट्रों के साथ समझौता करना चाहता है ताकि सीमा‑पार हथियार परिवहन पर नज़र रखी जा सके। शरणार्थियों की स्थिति भी गंभीर है। सीमा पर स्थित कैंप में दो मिलियन से अधिक लोग रह रहे हैं, जिन्हें बुनियादी सुविधाओं की कमी झेलनी पड़ रही है। अमेरिका ने कहा कि प्रतिबंध के साथ‑साथ मानवीय corredors को भी सुरक्षित रखा जाएगा ताकि援助 convoys तक पहुँच सके। UN के अंदर अब बहस तेज हो गई है। कुछ सदस्य देश तत्काल मतदान चाहते हैं, तो कुछ पहले एक तटस्थ मध्यस्थ नियुक्त करने की बात कर रहे हैं। whichever side prevails, दबाव बढ़ता दिख रहा है और आने वाले हफ्तों में प्रस्ताव पर मतदान हो सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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