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अमित शाह ने कहा: हिंदी किसी भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं, मातृभाषा को न छोड़ें

14/9/2026, 4:37:12 am
अमित शाह ने कहा: हिंदी किसी भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं, मातृभाषा को न छोड़ें
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गृह मंत्री अमित शाह ने 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में बोलते हुए स्पष्ट किया कि हिंदी किसी भी भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और इसलिए उन्हें अंग्रेजी, स्पेनिश, मंदारिन जैसी विश्व भाषाएँ सीखनी चाहिए ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकें। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि मातृभाषा को कभी नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि यह हमारी पहचान, संस्कृति और सोचने की प्रक्रिया की जड़ है। शाह ने उदाहरण देते हुए बताया कि जापान, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में लोग अपनी मूल भाषा के साथ अंग्रेजी या अन्य विदेशी भाषाएँ भी बोलते हैं, फिर भी वे अपनी भाषा को जीवित रखते हैं और उसे स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाते हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय और राज्य सरकारों से अपील की कि स्कूली पाठ्यक्रम में हिंदी या अन्य मातृभाषाओं को प्राथमिकता दी जाए और साथ ही विदेशी भाषाओं का भी समुचित समावेश हो ताकि विद्यार्थी द्विभाषी या बहुभाषी बन सकें। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी और कई सांसदों ने भी हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि भाषा विविधता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में देश भर के स्कूली बच्चों ने हिंदी कविताएँ पढ़ीं, लोकगीत गाए और नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रहा। अंत में शाह ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपनी भाषा का सम्मान करें, उसे दैनिक जीवन में प्रयोग करें और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएँ ताकि हिंदी समेत सभी भारतीय भाषाएँ फलती-फूलती रहें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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