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एनएसएस कॉन्फ्रेंस में शाह का सख्त बयान: देश धर्मशाला नहीं, घुसपैठिए सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा

25/8/2026, 5:58:39 am
एनएसएस कॉन्फ्रेंस में शाह का सख्त बयान: देश धर्मशाला नहीं, घुसपैठिए सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित एनएसएस कॉन्फ्रेंस में सख्त लहजे में कहा कि देश किसी धर्मशाला की तरह नहीं चल सकता। उन्होंने साफ किया कि घुसपैठिए न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा हैं। शाह ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध प्रवेश रोकने के लिए सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है। उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन को मजबूत करने के साथ‑साथ खुफिया तंत्र को भी तेज किया जा रहा है। कॉन्फ्रेंस में राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख मौजूद थे। शाह ने उनसे आग्रह किया कि सूचनाओं का आदान‑प्रदान बिना देरी के हो और संयुक्त अभियानों में तेजी लाई जाए। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि आंतरिक सुरक्षा के लिए कानून‑व्यवस्था को सख्ती से लागू करना जरूरी है। उन्होंने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार शाह के बयान से साफ है कि सरकार घुसपैठ को राष्ट्रीय प्राथमिकता मान रही है। आने वाले दिनों में सीमा पर नई तकनीक और ड्रोन निगरानी का विस्तार देखा जा सकता है। इससे पहले भी शाह ने कई मौकों पर कहा है कि अवैध प्रवेश देश की सामाजिक‑आर्थिक संरचना को कमजोर करता है। उन्होंने पिछले साल संसद में भी इसी मुद्दे पर विस्तार से बोला था। कॉन्फ्रेंस में सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने नई स्मार्ट फेंसिंग परियोजना की प्रगति बताई। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत 150 किलोमीटर सीमा पर सेंसर लगे हैं और डेटा वास्तविक‑समय में केंद्रीय कंट्रोल रूम पहुंच रहा है। वहीं, खुफिया ब्यूरो के निदेशक ने साइबर घुसपैठ और डिजिटल पहचान चोरी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने सुझाव दिया कि नागरिक पहचान प्रणाली को आधार से जोड़कर बहु‑स्तरीय सत्यापन लागू किया जाए। राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी अपने‑अपने क्षेत्र की चुनौतियां साझा कीं। उत्तर‑पूर्व के एक अधिकारी ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में पैदल गश्त मुश्किल है और ड्रोन निगरानी ही कारगर साबित हो रही है। अंत में शाह ने कहा कि सरकार सभी एजेंसियों को संसाधन और प्रशिक्षण मुहैया कराएगी ताकि घुसपैठ की हर कोशिश को शुरुआती चरण में ही नाकाम किया जा सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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