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असम कांग्रेस की समीक्षा बैठक; बंगाल उपचुनाव में वाम दल भी मैदान में

13/9/2026, 3:57:42 am
असम कांग्रेस की समीक्षा बैठक; बंगाल उपचुनाव में वाम दल भी मैदान में
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असम कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने शुक्रवार को गुवाहाटी में पार्टी की आंतरिक समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष, विधायक और जिला स्तर के पदाधिकारी मौजूद थे। बघेल ने संगठन की मजबूती, आगामी चुनावी रणनीति और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि असम में कांग्रेस को जनता के मुद्दों से सीधे जुड़ना होगा और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना होगा। बघेल ने बैठक के बाद मीडिया से कहा कि पार्टी का ध्यान ग्रामीण असम के किसानों, चाय बागान मजदूरों और युवा मतदाताओं पर रहेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के विकल्प खुले रखेगी, खासकर एआईयूडीएफ और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ। असम में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार पर बाढ़ राहत, अवैध खनन और आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर आरोप लगे हैं, जिन्हें कांग्रेस भुनाना चाहती है। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनावों के लिए वाम मोर्चा ने भी अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा पहले से ही मैदान में हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। वाम दल ने कोलकाता उत्तर, हावड़ा दक्षिण और मालदा जैसे क्षेत्रों में प्रत्याशी उतारे हैं। पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वाम दल की उपस्थिति से विपक्षी वोट बंटेंगे, लेकिन उनकी पार्टी जनता के भरोसे पर जीत हासिल करेगी। भाजपा ने भी बंगाल उपचुनावों में अपने केंद्रीय नेताओं को भेजने का फैसला किया है, जिससे मुकाबला और तीखा होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों में मतदान की तारीखें जल्द घोषित करने का आश्वासन दिया है, ताकि प्रशासनिक तैयारियां समय पर पूरी हो सकें। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वाम उम्मीदवारों की मौजूदगी से वोटों का बंटवारा हो सकता है और तृणमूल को फायदा मिल सकता है। असम और बंगाल दोनों राज्यों में कांग्रेस और वाम दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, असम और बंगाल के नतीजे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की दिशा तय कर सकते हैं। आने वाले हफ्तों में दोनों दलों की रैलियों और जनसभाओं का सिलसिला तेज होगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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