लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

ऑरोविल में ताड़ महोत्सव: बच्चों ने सीखी सदियों पुरानी तमिल परंपरा

31/8/2026, 12:30:27 am
ऑरोविल में ताड़ महोत्सव: बच्चों ने सीखी सदियों पुरानी तमिल परंपरा
Original publisher image
ऑरोविल में रविवार को ताड़ महोत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्थानीय स्कूल के करीब 120 बच्चों ने ताड़ के फल, ताड़ी और पत्तों से तरह‑तरह के व्यंजन तैयार किए। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा कई सौ साल पुरानी है और तमिल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। बच्चों ने ताड़ के रस से मीठा पेय, ताड़ के आटे से बनी रोटी, ताड़ के बीजों से बने लड्डू और पत्तों से बने पैकेट में खाना पकाना सीखा। शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रकृति के साथ जोड़ते हैं और स्थानीय ज्ञान को जीवित रखते हैं। ताड़ का पेड़ न केवल भोजन देता है, बल्कि इसकी लकड़ी, पत्ते और रेशे भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं। महोत्सव में पर्यावरणविदों ने भी भाग लिया और ताड़ के संरक्षण पर जोर दिया। एक वरिष्ठ आयोजक ने बताया कि ताड़ की खेती कम पानी में होती है और यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है। साथ ही, ताड़ के रेशे से बने कपड़े और टोकरियाँ स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देते हैं। बच्चों ने अपने हाथों से बनाए व्यंजन चखे और अपने माता‑पिता को भी दिखाए। इस पहल को ऑरोविल के सामुदायिक केंद्र और तमिलनाडु सरकार के संस्कृति विभाग का समर्थन मिला है। आयोजकों का मानना है कि यह पहल आगे भी जारी रहेगी और अधिक गांवों तक पहुंचेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित