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बांग्लादेश हाईकोर्ट ने चार मामलों में जमानत दी, फिर भी चिन्मय कृष्ण दास जेल में

6/9/2026, 4:03:13 am
बांग्लादेश हाईकोर्ट ने चार मामलों में जमानत दी, फिर भी चिन्मय कृष्ण दास जेल में
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बांग्लादेश हाईकोर्ट ने चिन्मय कृष्ण दास को चार मुकदमों में जमानत दे दी है।\n\nअदालत ने कहा कि इन मामलों में सबूत कमजोर हैं और आरोपी को रिहा किया जा सकता है।\n\nफिर भी दास जेल में ही रहेंगे क्योंकि दो दूसरे केस अब भी चल रहे हैं।\n\nये दोनों केस सांप्रदायिक हिंसा और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से जुड़े हैं।\n\nपुलिस ने इन मामलों में गवाहों के बयान और सीसीटीवी फुटेज पेश किए हैं।\n\nअभियोजन पक्ष का दावा है कि दास ने भीड़ को उकसाया और हिंसा भड़काई।\n\nबचाव पक्ष ने अदालत से कहा कि आरोप राजनीतिक दबाव में लगाए गए हैं।\n\nहाईकोर्ट ने चार मामलों में जमानत देते हुए शर्तें रखीं, जैसे पासपोर्ट जमा करना और हर हफ्ते थाने में हाजिरी।\n\nलेकिन दोनों लंबित केस में अदालत ने अभी तक कोई फैसला नहीं सुनाया है।\n\nइसलिए दास को अभी रिहा नहीं किया जा सकता, जब तक उन केसों का निपटारा न हो।\n\nमानवाधिकार संगठनों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की है।\n\nबांग्लादेश सरकार ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और किसी को भी विशेष छूट नहीं मिलेगी।\n\nमामले की अगली सुनवाई अगले महीने तय की गई है।\n\nचिन्मय कृष्ण दास बांग्लादेश के प्रमुख हिंदू धार्मिक नेता हैं और इस्कॉन से जुड़े हुए हैं।\n\nपिछले साल उन्हें सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।\n\nउस समय भी अदालत ने कुछ मामलों में जमानत दी थी, पर दो गंभीर केस लंबित रहे।\n\nहालिया फैसले में हाईकोर्ट ने चार नए मुकदमों में सबूतों को अपर्याप्त माना।\n\nअदालत ने दास को पासपोर्ट सरेंडर करने और हर सप्ताह थाने में हाजिरी लगाने का आदेश दिया।\n\nदो लंबित केस में एक सांप्रदायिक दंगा भड़काने और दूसरा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का है।\n\nपुलिस ने इन केसों में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयान को मुख्य सबूत बनाया है।\n\nबचाव पक्ष ने दावा किया कि दास को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।\n\nमानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बांग्लादेश से निष्पक्ष सुनवाई की मांग की है।\n\nभारत सरकार ने भी इस मामले पर नज़र रखी है और कूटनीतिक चैनलों के जरिए अपडेट ले रही है।\n\nअगली सुनवाई 15 अक्टूबर को तय की गई है, तब तक दास जेल में ही रहेंगे।\n\nसमाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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