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विश्व

बैंक ऑफ अमेरिका सर्वे: भारत इंडोनेशिया से पीछे

20/8/2026, 12:28:08 pm
बैंक ऑफ अमेरिका सर्वे: भारत इंडोनेशिया से पीछे
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बैंक ऑफ अमेरिका ने हाल ही में एक वैश्विक निवेश सर्वे जारी किया है जिसमें भारत को इंडोनेशिया के पीछे रखा गया है। इस सर्वे में दुनिया भर के 300 से अधिक फंड मैनेजर्स ने हिस्सा लिया और भारतीय शेयरों को लेकर दो बड़ी चिंताएं सामने आईं। पहली चिंता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी मजबूत कंपनियों की कमी है। दूसरी चिंता आर्थिक वृद्धि की सुस्त रफ्तार है जो पिछली कुछ तिमाहियों में 6 प्रतिशत के आसपास रही। सर्वे के अनुसार इंडोनेशिया में AI स्टार्टअप और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहे हैं। वहां विदेशी निवेशक भी अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि सरकार ने टेक नीतियों को सरल बनाया है। भारत में बड़ा बाजार होने के बावजूद AI सेक्टर अभी शुरुआती चरण में है। टाटा, इंफोसिस, विप्रो जैसे बड़े समूहों ने AI पर काम शुरू किया है पर उनकी संख्या सीमित है। महंगाई और ऊंची ब्याज दरें भी निवेशकों को सतर्क कर रही हैं। पिछले वर्ष भारत की खुदरा महंगाई 5.5 प्रतिशत रही जबकि इंडोनेशिया में यह 3 प्रतिशत के आसपास थी। ब्याज दरों में बढ़ोतरी से कॉरपोरेट उधारी महंगी हुई है और लाभ मार्जिन पर दबाव पड़ा है। हालांकि कई विश्लेषक मानते हैं कि भारत की दीर्घकालिक संभावनाएं मजबूत हैं। युवा आबादी, तेजी से बढ़ता डिजिटल भुगतान और PLI जैसी सरकारी योजनाएं भविष्य में सहारा दे सकती हैं। सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर मिशन और AI मिशन शुरू किए हैं ताकि घरेलू क्षमता बढ़े। इन पहलों का असर दिखने में अभी समय लगेगा क्योंकि बुनियादी ढांचा तैयार होना बाकी है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सेक्टरवार विश्लेषण करें और लंबी अवधि के नजरिए से फैसला लें। छोटी अवधि के उतार‑चढ़ाव से घबराने के बजाय मूलभूत मजबूती पर ध्यान देना समझदारी होगी। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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