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बेटे ने दो बहनों और पिता की हत्या की, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास

20/8/2026, 8:47:46 pm
बेटे ने दो बहनों और पिता की हत्या की, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास
बेतिया की जिला अदालत ने एक युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत का फैसला सोमवार को सुनाया गया और इसे स्थानीय मीडिया ने प्रमुखता से कवर किया। मामला पिछले साल अक्टूबर का है जब परिवार में मामूली कहासुनी हिंसक रूप ले बैठी। आरोपी ने अपनी दो बहनों और पिता को धारदार हथियार से मार डाला। पहली बहन की उम्र 22 साल थी जबकि दूसरी 19 साल की थी। पिता की उम्र 55 साल थी और वह घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच दल ने घटनास्थल से खून के नमूने, हथियार और मोबाइल फोन बरामद किए। फोरेंसिक रिपोर्ट में साफ हुआ कि हत्या एक ही हथियार से की गई थी। अदालत में सरकारी वकील ने गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक सबूत पेश किए। बचाव पक्ष ने मानसिक तनाव का हवाला देकर सजा कम करने की मांग की। जज ने सभी तथ्यों पर विचार करते हुए आजीवन कारावास का आदेश दिया। सजा सुनाते समय पीड़ित परिवार के अन्य सदस्य भी अदालत में मौजूद थे। उन्होंने फैसले पर संतोष जताया और कहा कि न्याय मिल गया। स्थानीय लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया और कानून के प्रति विश्वास बढ़ने की बात कही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले से अन्य लंबित हत्या के केस में तेजी आएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी विवाद को बातचीत से सुलझाएं। प्रशासन अब जागरूकता अभियान चलाकर घरेलू हिंसा रोकने का प्रयास करेगा। इस फैसले को बेतिया जिले के लिए एक बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पारिवारिक विवाद किसी भी हालत में हिंसा का कारण नहीं बन सकते। आगे भी ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। मामले की सुनवाई करीब छह महीने चली और इस दौरान कई बार तारीखें बढ़ाई गईं। अदालत ने आरोपी की अपील को खारिज करते हुए सजा को अंतिम कर दिया। इस निर्णय से पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिली है लेकिन दर्द अब भी बना हुआ है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि पारिवारिक तनाव को समय पर काउंसलिंग से रोका जा सकता है। सरकार ने भी घरेलू हिंसा रोकने के लिए नए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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