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भारत-नेपाल सीमा पर जालसाजी नेटवर्क का खुलासा, 500 यात्रा दस्तावेज गायब

22/8/2026, 2:26:28 am
भारत-नेपाल सीमा पर जालसाजी नेटवर्क का खुलासा, 500 यात्रा दस्तावेज गायब
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भारत-नेपाल सीमा पर एक बड़ा जालसाजी नेटवर्क सामने आया है। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) और उत्तर प्रदेश तथा बिहार की पुलिस ने मिलकर जांच शुरू की तो पता चला कि लगभग पांच सौ यात्रा दस्तावेज गायब हो चुके हैं। इनमें पासपोर्ट, वीज़ा और नेपाली नागरिकता प्रमाणपत्र शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक गायब दस्तावेजों का उपयोग फर्जी पहचान तैयार करने और अवैध रूप से सीमा पार करने में किया जा रहा था। नेटवर्क के सदस्य सीमावर्ती कस्बों में सक्रिय थे और दलालों के माध्यम से दस्तावेजों की खरीद‑फरोख्त करते थे। कुछ दस्तावेज नेपाल के सरकारी दफ्तरों से चुराए गए थे, जबकि कई नकली प्रिंटिंग यूनिट में तैयार किए गए थे। पुलिस ने अब तक तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और कई ठिकानों पर छापेमारी जारी है। नेपाल के अधिकारियों ने भी अपनी तरफ से जांच शुरू कर दी है और दोनों देशों के बीच सूचनाओं का आदान‑प्रदान हो रहा है। सीमा पर तैनात जवानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का नेटवर्क राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है क्योंकि फर्जी दस्तावेजों के सहारे आतंकी या तस्कर भी सीमा पार कर सकते हैं। सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है जो दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। स्थानीय निवासियों ने घटना पर चिंता जताई और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और व्यापार तथा आवाजाही पर असर नहीं पड़ेगा। जांच एजेंसियां अब दस्तावेजों की पूरी श्रृंखला का पता लगाने में लगी हैं। जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और इसके तार उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बिहार के रक्सौल और नेपाल के बीरगंज तक फैले हुए थे। दलाल प्रति दस्तावेज पांच से दस हज़ार रुपये वसूलते थे और ग्राहकों को तुरंत नकली पासपोर्ट मुहैया कराते थे। एसएसबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा पर लगे बायोमेट्रिक स्कैनर और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से कई फर्जी दस्तावेज पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी तकनीकी निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि ऐसे नेटवर्क दोबारा न पनप सकें। नेपाल सरकार ने अपने नागरिकता विभाग को निर्देश दिया है कि सभी जारी दस्तावेजों का ऑडिट किया जाए और संदिग्ध कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो। दोनों देशों के विदेश मंत्रालय भी मामले पर नज़र रख रहे हैं और द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा कर रहे हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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