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गर्मी में ब्लड प्रेशर और डिप्रेशन की दवाएं बढ़ा सकती हैं खतरा

22/8/2026, 1:37:24 am
गर्मी में ब्लड प्रेशर और डिप्रेशन की दवाएं बढ़ा सकती हैं खतरा
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गर्मी के मौसम में ब्लड प्रेशर और डिप्रेशन की दवाएं लेने वालों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये दवाएं शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की प्राकृतिक क्षमता पर असर डाल सकती हैं। जब शरीर ठंडा नहीं हो पाता, तो हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और दूसरी गर्मी जनित समस्याएं जल्दी हो सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार बीटा‑ब्लॉकर, डाययूरेटिक्स और कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स खासकर सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर्स (SSRI) पसीना आने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। पसीना न आने से शरीर गर्मी छोड़ नहीं पाता और आंतरिक तापमान तेजी से बढ़ता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दवा लेने वाले लोग गर्मी में अधिक पानी पिएं, छायादार स्थानों में रहें और भारी शारीरिक गतिविधि से बचें। अगर चक्कर, तेज़ दिल की धड़कन या उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। सरकारी स्वास्थ्य एजेंसियों ने भी गर्मी के मौसम में दवा लेने वालों के लिए दिशा‑निर्देश जारी किए हैं। इनमें दवा की खुराक बदलने या समय बदलने की सलाह शामिल है, लेकिन कोई भी बदलाव डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। अंत में, जागरूकता और समय पर कदम उठाने से गर्मी से जुड़े खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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