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बिना कोचिंग, बिना ट्यूशन: 12वीं CBSE की नेशनल टॉपर भाव्या रंजन की 'सिर्फ सच' कहानी
17/5/2026, 1:48:53 am

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नई दिल्ली: 'टाइम्स न्यूज़ नाउ' के पाठकों के लिए, 'सिर्फ सच' का वादा लिए, हम आज एक ऐसी कहानी लेकर आए हैं जो प्रेरणा का एक नया अध्याय लिखने वाली है। 12वीं कक्षा के सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे आ गए हैं, और इस बार नेशनल टॉपर बनकर उभरी हैं दिल्ली की भाव्या रंजन। लेकिन उनकी कहानी सबसे अलग इसलिए है क्योंकि उन्होंने यह शानदार सफलता बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन के हासिल की है।
भाव्या, जिन्होंने इंग्लिश, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस और पेंटिंग जैसे विषयों में 100 में से 100 अंक प्राप्त करके कुल 498 अंक हासिल किए हैं, यह साबित करती हैं कि लगन और सही दिशा में प्रयास किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं। आम तौर पर, बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के लिए छात्र साल भर कोचिंग संस्थानों के चक्कर लगाते हैं, लेकिन भाव्या ने अपने स्कूल के शिक्षकों पर भरोसा किया और खुद की पढ़ाई की विधि पर यकीन किया।
अपनी इस अद्वितीय उपलब्धि पर बात करते हुए, भाव्या बताती हैं कि उन्होंने कभी भी कोचिंग लेने के बारे में नहीं सोचा। उनके अनुसार, 'मुझे अपने स्कूल के शिक्षकों पर पूरा भरोसा था। वे बहुत मददगार थे और मुझे हमेशा सही मार्गदर्शन देते थे। इसके अलावा, मैंने जो भी पढ़ा, उसे खुद समझने की कोशिश की और खुद के नोट्स बनाए।' यह रवैया न केवल उनके अकादमिक ज्ञान की गहराई को दर्शाता है, बल्कि उनकी आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का भी प्रमाण है।
भाव्या की पढ़ाई की रणनीति काफी सरल लेकिन प्रभावी थी। उन्होंने अपने सभी विषयों को बराबर समय दिया, खासकर उन विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जिन्हें वे थोड़ा कठिन मानती थीं। pintura (पेंटिंग) जैसे रचनात्मक विषय में भी 100 अंक हासिल करना उनकी बहुमुखी प्रतिभा को उजागर करता है। उन्होंने कभी भी रटने की बजाय अवधारणाओं को समझने पर जोर दिया। उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को गहराई से समझते हैं, तो उसे याद रखना और परीक्षा में लिखना बहुत आसान हो जाता है।
भाव्या की यह सफलता उन लाखों छात्रों के लिए एक सीख है जो मानते हैं कि अच्छे अंक का मतलब सिर्फ कोचिंग है। उन्होंने दिखाया कि अगर आपके पास दृढ़ संकल्प, सही मार्गदर्शन और अपनी पढ़ाई की एक मजबूत योजना है, तो आप किसी भी बाहरी मदद के बिना भी शीर्ष पर पहुंच सकते हैं। यह उन अभिभावकों के लिए भी एक संदेश है जो अपने बच्चों पर कोचिंग के लिए अनावश्यक दबाव डालते हैं।
आगे की पढ़ाई के लिए, भाव्या का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) में आगे बढ़ना है। यह उनके राजनीतिक विज्ञान जैसे विषयों में हासिल किए गए उत्कृष्ट अंकों से भी मेल खाता है। 'टाइम्स न्यूज़ नाउ' भाव्या रंजन को उनकी शानदार सफलता के लिए बधाई देता है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता है। उनकी कहानी 'सिर्फ सच' की मिसाल है, जो बताती है कि कड़ी मेहनत और खुद पर विश्वास ही सफलता की असली कुंजी है।
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
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