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बिहार में सरकारी सेवकों पर सीबीआई की सीधी कार्रवाई पर रोक, नया नियम लागू

5/9/2026, 12:22:29 am
बिहार में सरकारी सेवकों पर सीबीआई की सीधी कार्रवाई पर रोक, नया नियम लागू
बिहार सरकार ने एक अहम बदलाव करते हुए सीबीआई को राज्य के सरकारी सेवकों पर सीधी कार्रवाई करने से रोक दिया है। नए नियम के मुताबिक, किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ सीबीआई जांच या गिरफ्तारी से पहले राज्य सरकार की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया। पहले सीबीआई केंद्रीय एजेंसी होने के नाते किसी भी लोकसेवक के खिलाफ स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर सकती थी, लेकिन अब राज्य सरकार की सहमति जरूरी है। आदेश 15 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए लागू किया गया और इसमें स्पष्ट किया गया है कि सीबीआई को किसी भी लोकसेवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से पहले राज्य सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने 2022 में भी एक समान प्रस्ताव रखा था, लेकिन तब केंद्र के विरोध के बाद उसे वापस लेना पड़ा था। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कदम को जांच की स्वतंत्रता पर असर डालने वाला बताया और कहा कि वे कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। वहीं, राज्य के मुख्य सचिव ने कहा कि नई प्रक्रिया पारदर्शी होगी और समयसीमा के भीतर अनुमति दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों को अनावश्यक उत्पीड़न से बचाएगा और प्रशासनिक कामकाज में स्थिरता लाएगा। वहीं, विपक्षी दल और भ्रष्टाचार विरोधी संगठनों ने इस फैसले को जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। उनका तर्क है कि राज्य सरकार की अनुमति की शर्त से भ्रष्टाचार के मामलों में देरी हो सकती है और दोषियों को बचने का मौका मिलेगा। कानूनी जानकारों के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 311 और सीबीआई अधिनियम के प्रावधानों के तहत केंद्र और राज्य के बीच अधिकारों का संतुलन बना रहता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कहा है कि सीबीआई की जांच में राज्य की सहमति अनिवार्य नहीं है, लेकिन राज्य सरकार अपने स्तर पर नियम बना सकती है। इस नए नियम के बाद राज्य के सभी विभागों को अपने कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी सीबीआई कार्रवाई की सूचना तुरंत मुख्य सचिव को देनी होगी। मुख्य सचिव कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि अनुमति प्रक्रिया समयबद्ध होगी और अनावश्यक देरी नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह नियम भ्रष्टाचार निरोधक प्रयासों पर कितना असर डालता है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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