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इंदिरा भवन के बाहर बिहार कांग्रेस का धरना, टिकट बंटवारे और नियुक्तियों पर नाराजगी

7/9/2026, 11:20:02 pm
इंदिरा भवन के बाहर बिहार कांग्रेस का धरना, टिकट बंटवारे और नियुक्तियों पर नाराजगी
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पटना स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों में पूर्व मंत्री शकील अहमद खान, पूर्व विधायक अवधेश कुमार सिंह और कई जिला स्तर के पदाधिकारी शामिल थे। उनकी मुख्य शिकायत आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए टिकट बंटवारे की प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने को लेकर है। शकील अहमद खान ने कहा, "पार्टी आलाकमान जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहा है। टिकट बाहरी नेताओं या पैराशूट उम्मीदवारों को दिए जा रहे हैं, जबकि वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है।" धरने पर बैठे नेताओं ने संगठनात्मक नियुक्तियों में भी भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया। अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि जिला और प्रखंड स्तर की कमेटियों में उन चेहरों को जगह दी गई है, जिनका जनाधार नहीं है। "यह कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने वाला फैसला है," उन्होंने कहा। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायतें आलाकमान तक पहुंचाई जाएंगी। "पार्टी में लोकतंत्र है, असहमति का सम्मान होता है। हम समाधान निकालेंगे," उन्होंने मीडिया से कहा। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व ने अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी है। बिहार कांग्रेस में अंतर्कलह नई नहीं है, लेकिन चुनावी साल में यह धरना पार्टी की आंतरिक चुनौतियों को उजागर करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर समय रहते मतभेद नहीं सुलझाए गए, तो आगामी चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। पिछले साल भी टिकट वितरण को लेकर इसी तरह का विरोध सामने आया था, जब कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़ दी थी। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने नई चयन समिति गठित की है, लेकिन उसकी बैठक अभी तक नहीं हुई। विपक्षी दल, खासकर राजद और जदयू, इस आंतरिक कलह को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनावी रणनीतिकारों का कहना है कि बिहार में कांग्रेस का जनाधार पहले से कमजोर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं का असंतोष बड़ा झटका साबित हो सकता है। धरना खत्म होने के बाद भी कई नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जाकर आलाकमान से मिलेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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