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बिहार के किसान अपना रहे गन्ने की हाईटेक खेती, टिशू कल्चर से सिंगल बड तक

19/9/2026, 9:11:13 pm
बिहार के किसान अपना रहे गन्ने की हाईटेक खेती, टिशू कल्चर से सिंगल बड तक
बिहार के खेतों में इन दिनों नई तकनीक का शोर है। किसान परंपरागत तरीके छोड़कर टिशू कल्चर और सिंगल बड पद्धति अपना रहे हैं। कृषि विभाग और निजी संस्थाएं मिलकर प्रशिक्षण शिविर लगा रही हैं, जहां किसानों को लैब में तैयार पौधे रोपने का तरीका सिखाया जाता है। टिशू कल्चर से तैयार पौधे रोगमुक्त होते हैं और उनमें एक समान वृद्धि होती है। सिंगल बड विधि में केवल एक कली वाला टुकड़ा खेत में लगाया जाता है, जिससे बीज की खपत आधी रह जाती है। दोनों तकनीकों से प्रति हेक्टेयर पैदावार 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। पानी की कमी वाले इलाकों में ये तरीके वरदान साबित हो रहे हैं। सिंगल बड से सिंचाई की जरूरत 30 फीसदी कम होती है, जबकि टिशू कल्चर पौधे सूखे को बेहतर सहन करते हैं। किसानों का कहना है कि लागत घटी है और मुनाफा बढ़ा है। राज्य सरकार ने 'गन्ना विकास योजना' के तहत अनुदान देना शुरू किया है। किसानों को लैब से पौधे खरीदने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्रों में नियमित कार्यशालाएं आयोजित होती हैं। पश्चिम चंपारण के किसान रामकुमार सिंह बताते हैं, "पहले हम पारंपरिक बीज बोते थे, रोग लग जाता था। अब टिशू कल्चर पौधे लगाए तो फसल स्वस्थ रही और उपज भी ज्यादा मिली।" इसी तरह, सिवान की महिला किसान सुनीता देवी ने सिंगल बड अपनाकर पानी की बचत की। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यही रफ्तार रही तो बिहार गन्ना उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। आने वाले सीजन में और किसानों को जोड़ने के लिए मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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