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बिहार बाढ़: गाद और फरक्का पर आरोप‑प्रत्यारोप, राहत अब भी अधूरी

9/9/2026, 6:50:49 am
बिहार बाढ़: गाद और फरक्का पर आरोप‑प्रत्यारोप, राहत अब भी अधूरी
बिहार में इस साल फिर बाढ़ ने लाखों लोगों को परेशान किया है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कई गांव डूब गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 12 जिलों में तीन लाख से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं। राहत शिविरों में खाने‑पीने और दवा की व्यवस्था अब भी पूरी नहीं हो पाई है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने समय पर चेतावनी नहीं दी। मंत्री ने जवाब में कहा कि नदियों में गाद जमा होने से पानी का बहाव धीमा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि गाद की समस्या कई साल से बनी हुई है। तटबंधों की मरम्मत नहीं होने से पानी किनारे तोड़कर खेतों में घुस जाता है। कुछ नेता फरक्का बैराज को भी दोषी ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि बैराज से छोड़ा गया पानी बिहार की नदियों में अतिरिक्त दबाव डालता है। जल संसाधन विभाग ने एक रिपोर्ट में बताया कि फरक्का से निकलने वाला पानी केवल 15 प्रतिशत हिस्सा है। बाकी 85 प्रतिशत पानी स्थानीय बारिश और पहाड़ी नदियों से आता है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रबंधन के लिए नई योजना की घोषणा की है। इसमें तटबंधों की ऊंचाई बढ़ाने और गाद निकालने के लिए मशीनें खरीदने का प्रावधान है। ग्रामीणों का कहना है कि योजनाएं कागज पर ही रह जाती हैं। पिछले तीन साल में कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हुआ है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि समन्वित नदी प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के असर को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक नीति बनाई जाए। तब तक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और राहत सामग्री समय पर देना सबसे अहम काम है। केंद्र सरकार ने भी बिहार को अतिरिक्त केंद्रीय सहायता देने का वादा किया है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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