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बिहार के 10 जिलों में बाढ़: घाट डूबे, सड़क पर जल रहीं चिताएं

12/9/2026, 11:30:00 pm
बिहार के 10 जिलों में बाढ़: घाट डूबे, सड़क पर जल रहीं चिताएं
बिहार के दस जिलों में बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त‑व्यस्त कर दिया है। नदियों का जलस्तर रातों‑रात बढ़ा और निचले इलाकों में पानी भर गया। सिमरिया, झमटिया और अयोध्या घाट जैसे प्रमुख घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। घाटों के डूबने से अंतिम संस्कार की पारंपरिक जगह खत्म हो गई। परिवार वालों को मजबूरन शवों को सड़क किनारे जलाना पड़ रहा है। लकड़ियों की कमी और तेज धारा के कारण चिताएं सड़क पर ही जल रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन की तरफ से लकड़ी और सूखी घास की आपूर्ति समय पर नहीं हो पा रही। इससे अंतिम संस्कार में देरी हो रही है और लोग परेशान हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत शिविर लगाए गए हैं, लेकिन बाढ़ की रफ्तार इतनी तेज है कि सहायता सामग्री समय पर नहीं पहुंच पा रही। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ के बाद बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। डॉक्टरों ने साफ‑सफाई, पीने के पानी की शुद्धता और मच्छरदानी के इस्तेमाल पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई दौरा किया और तत्काल राहत राशि जारी करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र से भी अतिरिक्त सहायता मांगी गई है। NDRF और SDRF की टीमें नावों और हेलीकॉप्टरों से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। अब तक हजारों लोगों को निकाला जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ आती है, लेकिन इस बार पानी का स्तर पिछले कई वर्षों से अधिक है। खेत‑खलिहान और मकान पूरी तरह डूब चुके हैं। किसानों ने फसल नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है। व्यापारियों ने भी बाजार बंद होने से आर्थिक नुकसान बताया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने स्थायी बाढ़ नियंत्रण योजना बनाने की मांग दोहराई। सरकार ने आश्वासन दिया है कि बाढ़ राहत कार्य तेजी से चलाए जाएंगे और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है। बाढ़ के कारण कई स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और ऑनलाइन कक्षाएं भी बिजली कटौती के चलते नहीं चल पा रहीं। पशुपालन करने वाले किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है क्योंकि पशुओं के चारे और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही। पशु चिकित्सकों ने बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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