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बिहार में बाढ़ का कहर कम, लेकिन चुनौती बरकरार: 35 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

9/9/2026, 12:07:42 pm
बिहार में बाढ़ का कहर कम, लेकिन चुनौती बरकरार: 35 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार में पिछले कुछ दिनों से जारी बाढ़ की विभीषिका अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। कई इलाकों में पानी का स्तर गिर रहा है, जिससे प्रशासन को राहत कार्यों में मदद मिल रही है। हालांकि, आंकड़ों पर नजर डालें तो तबाही का पैमाना काफी बड़ा है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक लगभग 35.89 लाख लोग बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। बाढ़ ने न केवल लोगों के घरों को डुबोया, बल्कि खेती और पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों की कमर टूट गई है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह कट गया था, जिन्हें अब धीरे-धीरे जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इस संकट की घड़ी में सरकार और राहत एजेंसियां सक्रिय हैं। सबसे बड़ी चुनौती भोजन और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना था। आंकड़ों के मुताबिक, 10 लाख से ज्यादा प्रभावित लोगों तक सरकारी राशन और पका हुआ भोजन पहुंचाया जा रहा है। सामुदायिक रसोई और राहत शिविरों के जरिए लोगों को सहारा दिया जा रहा है ताकि भूख और बीमारी जैसी समस्याओं को रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद अक्सर जलजनित बीमारियां जैसे डायरिया और त्वचा संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं और जरूरी दवाइयां बांटी जा रही हैं। बिहार हर साल मानसून के दौरान इस दर्दनाक स्थिति से गुजरता है। हालांकि पानी कम होना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन पुनर्वास की प्रक्रिया अब शुरू होगी। लोगों के क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत और फसल नुकसान का मुआवजा देना सरकार के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति भूखा न रहे और सुरक्षित स्थानों पर शरण ले सके। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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