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बिहार सरकार ने सीबीआई को राज्य कर्मचारियों की सीधी जांच से रोका, मंजूरी अनिवार्य

5/9/2026, 3:41:27 am
बिहार सरकार ने सीबीआई को राज्य कर्मचारियों की सीधी जांच से रोका, मंजूरी अनिवार्य
बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) राज्य के किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सीधे जांच नहीं शुरू कर सकेगी। इसके लिए पहले राज्य सरकार से मंजूरी लेनी होगी। यह आदेश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पारित हुआ। सरकार का कहना है कि इससे प्रशासनिक कामकाज में अनावश्यक दखलअंदाजी रुकेगी। साथ ही कर्मचारियों को काम करने की आजादी मिलेगी। सीबीआई को अब किसी भी मामले में जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार को लिखित अनुरोध भेजना होगा। सरकार उस अनुरोध की जांच करेगी और फिर अनुमति देगी या नहीं। इस प्रक्रिया में कुछ हफ्ते लग सकते हैं। विपक्षी दलों ने इस कदम को राजनीतिक हस्तक्षेप बताया है। वे कहते हैं कि इससे भ्रष्टाचार के मामलों की जांच धीमी होगी। हालांकि सरकार का दावा है कि पारदर्शिता बनी रहेगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करता है। लेकिन कुछ जानकार मानते हैं कि इससे केंद्रीय एजेंसी की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। बिहार में पहले भी कई बार सीबीआई ने राज्य कर्मचारियों के खिलाफ सीधे छापेमारी की थी। उन मामलों में अदालत ने कई बार जांच की वैधता पर सवाल उठाए थे। नया नियम उन विवादों को कम करने की कोशिश है। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब उन्हें बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि गंभीर मामलों में तुरंत मंजूरी दी जाएगी। आने वाले दिनों में इस आदेश का असर दिखेगा। देखना होगा कि सीबीआई और राज्य सरकार कैसे तालमेल बैठाते हैं। जनता की नजर इस पर बनी रहेगी। इस फैसले के बाद राज्य के विभिन्न विभागों ने अपने आंतरिक निर्देश जारी किए हैं। वे सीबीआई से किसी भी पूछताछ के लिए पहले विभागीय प्रमुख से संपर्क करने को कह रहे हैं। इससे प्रक्रिया में एक और परत जुड़ गई है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह कदम भ्रष्टाचार के बड़े मामलों को छुपाने में मदद कर सकता है। वे कहते हैं कि सीबीआई की स्वतंत्र जांच ही असली दोषियों को सामने लाती है। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराधों में तुरंत अनुमति दी जाएगी। इसके लिए एक विशेष समिति बनाई गई है जो 48 घंटे में फैसला लेगी। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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