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बिहार सरकार ने संविदा डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाया

8/9/2026, 2:20:20 pm
बिहार सरकार ने संविदा डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाया
बिहार सरकार ने संविदा डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया है। यह घोषणा शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। मंत्री ने कहा कि संविदा चिकित्सक राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत से ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज पहुंच पाता है। उन्होंने उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए मानदेय में वृद्धि की जरूरत बताई। नई दरों के मुताबिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात संविदा डॉक्टरों को अब महीने में 70 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि पहले उन्हें 55 हजार रुपये दिए जाते थे। यह बढ़ोतरी लगभग 27 प्रतिशत की है। जिला अस्पतालों में काम कर रहे संविदा चिकित्सकों का मानदेय 85 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 5 हजार रुपये किया गया है। इससे बड़े अस्पतालों में भी डॉक्टरों को बेहतर वेतन मिलेगा। मंत्री ने बताया कि यह कदम डॉक्टरों की कमी दूर करने और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। सरकार का मानना है कि बेहतर वेतन से डॉक्टर लंबे समय तक सेवा में रहेंगे। विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई दरें अगले महीने से लागू होंगी और इससे करीब 4 हजार संविदा डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें से अधिकांश ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत हैं। डॉक्टरों के संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने स्थायी नियुक्ति, पेंशन और पदोन्नति की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाना एक अच्छा कदम है पर स्थायी समाधान जरूरी है। बिहार चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार ने कहा कि सरकार को संविदा व्यवस्था को खत्म कर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि डॉक्टरों को आवास और परिवहन सुविधा भी मिले। सरकार ने कहा कि आगे भी स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर विचार किया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही एक समीक्षा बैठक बुलाएगा जिसमें सभी हितधारक शामिल होंगे। इस बीच, विपक्षी दलों ने मानदेय वृद्धि को चुनावी स्टंट बताया और कहा कि वास्तविक सुधार के लिए स्थायी नौकरी और बेहतर कार्य परिस्थितियां जरूरी हैं। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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