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गृह मंत्री की मौजूदगी में बिहार-झारखंड ने सोन नदी जल बंटवारे पर किया एमओयू

31/8/2026, 1:27:17 pm
गृह मंत्री की मौजूदगी में बिहार-झारखंड ने सोन नदी जल बंटवारे पर किया एमओयू
गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बिहार और झारखंड ने सोन नदी के जल बंटवारे पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री इस मौके पर मौजूद थे। समझौते के तहत बिहार को नदी के ऊपरी हिस्से से 55 प्रतिशत जल मिलेगा, जबकि झारखंड को निचले हिस्से से 45 प्रतिशत जल आवंटित किया गया है। यह फैसला लंबे समय से चल रहे विवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। एमओयू में दोनों राज्यों के बीच एक संयुक्त निगरानी समिति बनाने का प्रावधान है, जो हर छह महीने में जल उपयोग की समीक्षा करेगी। समिति में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, ताकि किसी भी विवाद को समय पर सुलझाया जा सके। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह समझौता किसानों और पेयजल योजनाओं के लिए राहत लेकर आएगा। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इसे विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि जल संसाधनों का न्यायपूर्ण बंटवारा दोनों राज्यों की प्रगति में मदद करेगा। केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि समझौते के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक धनराशि और तकनीकी सहायता मुहैया कराई जाएगी। अब दोनों राज्य अपने-अपने जल संसाधन विभाग के जरिए योजनाएं तैयार करेंगे, ताकि आवंटित जल का अधिकतम उपयोग हो सके। सोन नदी बिहार और झारखंड की सीमा से गुजरती है और दोनों राज्यों की कृषि तथा पेयजल आपूर्ति की जीवनरेखा है। पिछले दो दशकों में जल बंटवारे को लेकर कई बार तनाव की स्थिति बनी, जिससे सिंचाई परियोजनाएं प्रभावित हुईं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था, जिसके बाद यह समझौता संभव हुआ। समझौते के अनुसार पहली समीक्षा बैठक अगले तीन महीने में होगी, जिसमें जल वितरण के आंकड़े साझा किए जाएंगे। स्थानीय किसानों ने इस कदम का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि सिंचाई सुविधाएं बेहतर होंगी। पर्यावरणविदों ने नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को ध्यान में रखते हुए जल उपयोग की निगरानी की मांग की है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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