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वित्तीय जोखिम उठाने में बिहार अव्वल, उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं: नई रिपोर्ट

21/8/2026, 12:26:43 am
वित्तीय जोखिम उठाने में बिहार अव्वल, उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं: नई रिपोर्ट
नई दिल्ली: एक राष्ट्रीय वित्तीय साक्षरता सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि बिहार के लोग निवेश, स्टार्टअप और नए कारोबार शुरू करने जैसे वित्तीय जोखिम उठाने में देश में सबसे आगे हैं। उत्तर प्रदेश के नागरिक इस मामले में दूसरे स्थान पर हैं, जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे विकसित राज्य सूची में नीचे हैं। रिपोर्ट भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी ने मिलकर तैयार की है। इसमें 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 45,000 से अधिक परिवारों से बातचीत की गई। डेटा जनवरी से मार्च 2024 के बीच जुटाया गया। बिहार में 68 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि उन्होंने पिछले तीन साल में म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार या छोटे उद्यम में पैसा लगाया है। उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 61 प्रतिशत रहा। राष्ट्रीय औसत केवल 42 प्रतिशत है। विशेषज्ञ इसकी वजह युवा आबादी, बढ़ती मोबाइल इंटरनेट पहुंच और सरकारी योजनाओं को मानते हैं। बिहार में स्टार्टअप इंडिया और मुद्रा लोन का लाभ लेने वालों की संख्या पांच साल में तीन गुनी हुई है। हालांकि रिपोर्ट चेतावनी भी देती है। बिहार में वित्तीय साक्षरता स्कोर अब भी राष्ट्रीय औसत से 12 अंक कम है। कई ग्रामीण निवेशक बिना पूरी जानकारी के ऊंचे रिटर्न के लालच में आ जाते हैं। उत्तर प्रदेश में हालात थोड़े बेहतर हैं। वहां वित्तीय साक्षरता अभियान ग्राम पंचायत स्तर तक चल रहे हैं। फिर भी, दोनों राज्यों में बीमा कवरेज और पेंशन योजना अपनाने की दर कम बनी हुई है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने कहा, "जोखिम उठाने की क्षमता आर्थिक गतिशीलता का संकेत है, लेकिन सुरक्षा जाल भी उतना ही जरूरी है।" उन्होंने राज्यों से वित्तीय शिक्षा बजट बढ़ाने का आग्रह किया। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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