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बिहार में उमस और भारी बारिश, 5 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट

29/8/2026, 1:36:00 am
बिहार में उमस और भारी बारिश, 5 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट
बिहार में पिछले दो दिनों से उमस का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों को पसीना और थकान की समस्या हो रही है। विशेष रूप से शहरी इलाकों में एसी और पंखों की मांग बढ़ गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले मजदूरों को आराम मिल पा रहा है। इस उमस के साथ मौसम विभाग ने बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, अगले 24 घंटों में पांच जिलों — पटना, मुज़फ़्फ़रपुर, दरभंगा, साहेबगंज और किशनगंज — में 80 से 120 मिलीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है। साथ ही, आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी उच्च है, जिससे खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और खुले वाहनों में रहना खतरनाक हो सकता है। बारिश के कारण शहरों में जलजमाव की आशंका है, खासकर कम-lying इलाकों में। सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक धीमा हो सकता है और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में देरी हो सकती है। बिजली आपूर्ति में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि बिजली गिरने से ट्रांसफॉर्मर और तार नुकसान पहुंच सकते हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे संभवतः घर में रहें, खुले स्थानों से दूर रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करके रखें। अगर बाहर निकलना unavoidable हो तो rubber-soled जूते पहनें और पेड़ों, खंभों या धातु की संरचनाओं के पास न खड़े हों। emergencies के लिए टॉर्च, प्राथमिक उपचार किट और आवश्यक दवाइयां रखें। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) ने अपने दल को तैनात कर दिया है और जिला मुख्यालयों में अस्थायी राहत केंद्र स्थापित किए हैं। मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1077 और जिला नियंत्रण कक्षों के फ़ोन नंबर जारी किए गए हैं। volunteers को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है, ताकि ज़रूरत पड़ने पर राहत सामग्री वितरित की जा सके। किसान भाईचारा भी इस alerts से चिंतित है, क्योंकि धान की बुआई चल रहे सीजन में अतिरिक्त पानी से जलभराव की समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि खेतों में पानी का निकास सुनिश्चित करें और कम-lying हिस्सों में अस्थायी बांध बनाकर फसलों को बचाने की कोशिश करें। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस सक्रिय monsoon चरण के बाद अगले 48 घंटों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है और उमस में भी गिरावट आएगी। हालांकि, वे चेतावनी देते हैं कि स्थानीय स्तर पर बादल फटने की घटनाएं अभी भी हो सकती हैं, इसलिए सतर्कता बरकरार रखनी चाहिए। अंत में, प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से ही ऐसी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। अधिकारियों से अपडेट लेने के लिए officiel वेबसाइट, मोबाइल ऐप या स्थानीय रेडियो bulletins का उपयोग करें। शांत रहें, सहयोग करें और सुरक्षित रहें। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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