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रक्षा बंधन पर बिहार में दस मौतें, हादसों ने त्योहार को मातम में बदला

29/8/2026, 2:14:52 am
रक्षा बंधन पर बिहार में दस मौतें, हादसों ने त्योहार को मातम में बदला
रक्षा बंधन के दिन बिहार में कई हादसों ने त्योहार की खुशी को मातम में बदल दिया। पुलिस के मुताबिक अलग-अलग घटनाओं में कुल दस लोगों की मौत हुई है। त्योहार के कारण सड़कों पर वाहनों की भीड़ अचानक बढ़ गई थी और बहुत से परिवार भाई-बहन के घर जाने के लिए निकले थे। सबसे अधिक मौतें सड़क हादसों में हुईं। तेज रफ्तार ट्रक ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी जिसमें भाई और बहन दोनों की जान चली गई। दो अन्य कारों की भिड़ंत में तीन लोग मारे गए। एक अन्य घटना में नदी में नहाते समय दो युवक डूब गए। दोनों भाई थे और राखी बांधने के बाद नहाने गए थे। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। इसके अलावा एक घर में आग लगने से एक बहन और उसका भाई झुलस गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी घटनाओं की जांच शुरू कर दी गई है और मृतकों के परिजनों को मुआवजे की प्रक्रिया तेज की जा रही है। मुख्यमंत्री ने घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग ने घायलों के इलाज के लिए अतिरिक्त एम्बुलेंस तैनात की हैं और अस्पतालों में आपातकालीन वार्ड तैयार रखे गए हैं। स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने सड़क सुरक्षा और नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। त्योहार के दिन इस तरह की घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं और लोग अब यातायात नियमों तथा पानी की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की बात कर रहे हैं। पिछले साल भी रक्षा बंधन के दिन बिहार में सात लोगों की मौत हुई थी और अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान यातायात दबाव बढ़ जाता है। परिवहन विभाग ने इस बार अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात की थी लेकिन कई चालकों ने तेज रफ्तार से नियमों की अनदेखी की। ग्रामीण इलाकों में नदी किनारे बने घाटों पर सुरक्षा रेलिंग और निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। समाजसेवी संगठनों ने पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद और काउंसलिंग की मांग की है। सरकार ने अगले त्योहारों के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान और नदी सुरक्षा अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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