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बिहार को अब भरोसे और साथ की ज़रूरत है: पाखी हेगड़े

12/9/2026, 4:12:45 am
बिहार को अब भरोसे और साथ की ज़रूरत है: पाखी हेगड़े
बिहार को इस समय हमारे साथ और भरोसे की ज़रूरत है पाखी हेगड़े के अनुसार, राज्य पिछले कुछ महीनों से प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा है। पिछले महीने उत्तर बिहार में भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ आई, जिससे हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई और सैकड़ों परिवार विस्थापित हो गए। इस स्थिति में लोगों में सरकारी तंत्र पर भरोसा कम हो रहा है। पाखी हेगड़े ने अपने लेख में बताया कि बाढ़ राहत कार्य में देरी और श्रमिकों के पलायन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को कमजोर किया है। उन्होंने बताया कि राज्य में रोजगार सृजन की योजनाएं जैसे मनरेगा और कौशल विकास प्रशिक्षण अब भी अपने लक्ष्य से पीछे हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाभान्वितों के बीच विश्वास बढ़ा सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी चुनौतियाँ स्पष्ट हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों की कमी और दवाओं की उपलब्धता असमान है। पाखी ने सुझाव दिया कि सामाजिक संगठनों और मीडिया को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने चाहिए, ताकि लोग सरकारी सेवाओं का सही तरीके से उपयोग कर सकें। शिक्षा के क्षेत्र में, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं जैसे शौचालय और पीने के पानी की कमी अभी भी देखी जा रही है। पाखी मानती हैं कि समुदाय की भागीदारी से इन समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने स्थानीय पंचायतों को सशक्त बनाने और उनकी योजनाओं में नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने की वकालत की। अंत में, पाखी हेगड़े ने सभी पक्षों से अपील की कि बिहार का विकास तभी संभव है जब सरकार, नागरिक समाज और मीडिया मिलकर काम करें। भरोसा बनाने के लिए पारदर्शी संवाद, समय पर निर्णय और लगातार निगरानी आवश्यक है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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