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बिहार में जहरीली शराब से चार की मौत; असम में 16 करोड़ की ड्रग्स जब्त

30/8/2026, 10:36:31 pm
बिहार में जहरीली शराब से चार की मौत; असम में 16 करोड़ की ड्रग्स जब्त
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बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक गांव में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो युवक और दो बुजुर्ग शामिल हैं। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अवैध रूप से देशी शराब बेची जा रही थी। विक्रेता बिना लाइसेंस के शराब बनाकर सस्ते दाम पर बेचते थे। प्रशासन ने अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। जांच अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शराब में मेथनॉल की मात्रा अधिक पाई गई। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए जांच तेज करने का आदेश दिया। दूसरी ओर असम के गुवाहाटी शहर के पास पुलिस ने बड़ी ड्रग्स जब्ती की। विशेष टीम ने एक गोदाम पर छापा मारकर 16 करोड़ रुपये मूल्य की नशीली दवाएं बरामद कीं। जब्त माल में हेरोइन, कोकीन और सिंथेटिक ड्रग्स शामिल हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि यह नशीली दवाएं अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ी थीं। छापेमारी में तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए जबकि अन्य फरार हैं। जांच एजेंसियां नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हैं। असम सरकार ने इस बरामदगी को बड़ी सफलता बताया। मुख्यमंत्री ने पुलिस को नशीली दवाओं के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने का निर्देश दिया। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने की बात कही। दोनों घटनाओं से राज्य सरकारों पर जनदबाव बढ़ा है। विपक्षी दलों ने शराब नीति और नशा नियंत्रण कानून को कड़ा करने की मांग की है। सामाजिक संगठन भी जागरूकता अभियान चला रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध शराब और नशीली दवाओं का कारोबार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है। प्रभावी कानून लागू करने के साथ ही रोजगार के वैकल्पिक साधन देने जरूरी हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध शराब या नशीली दवा की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सहयोग से ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। बिहार सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज करते हुए सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। आबकारी विभाग ने लाइसेंस विहीन दुकानों को सील करने का आदेश जारी किया। असम में भी पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में ड्रग तस्करी रोकने के लिए ड्रोन निगरानी शुरू की है। अधिकारी दावा करते हैं कि इससे तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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