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भारत

वंदे मातरम पर भाजपा का देशव्यापी अभियान, कांग्रेस ने उठाए सवाल

23/8/2026, 12:06:41 am
वंदे मातरम पर भाजपा का देशव्यापी अभियान, कांग्रेस ने उठाए सवाल
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भाजपा ने वंदे मातरम को लेकर देश भर में एक बड़ा अभियान शुरू किया है। पार्टी का मकसद युवा पीढ़ी, खासकर जेन‑जी को अपनी तरफ खींचना है। इसके लिए 28 राज्यों में 500 से अधिक कार्यक्रम तय किए गए हैं, जिनमें स्कूल, कॉलेज और सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। अभियान के तहत छात्रों को वंदे मातरम गाने, छोटे वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर #VandeMataramYouth हैशटैग के साथ पोस्ट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को इस मुहिम की कमान सौंपी गई है। दोनों नेताओं ने कहा कि युवा देशभक्ति के प्रतीक से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। एक समर्पित मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है जिससे प्रतिभागी अपनी प्रस्तुतियाँ अपलोड कर सकें और भागीदारी के आँकड़े देख सकें। कांग्रेस ने इस कदम को राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय गीत का दुरुपयोग बताया है। पार्टी प्रवक्ता ने संसद में भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि वंदे मातरम सबका साझा धरोहर है, किसी एक दल का नहीं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं को भावनात्मक रूप से बांधने के लिए प्रतीकों का सहारा ले रही है। विपक्ष ने इसके जवाब में गीत के समावेशी इतिहास को उजागर करने वाला एक प्रति‑अभियान भी घोषित किया है। भाजपा का दावा है कि यह अभियान देशभक्ति की भावना जगाने और युवा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए है। पार्टी नेताओं ने बताया कि आने वाले लोकसभा चुनाव में 18‑29 आयु वर्ग के मतदाता निर्णायक साबित हो सकते हैं। इसलिए पार्टी उन्हें सीधे संवाद के ज़रिए जोड़ना चाहती है। रणनीतिकारों का मानना है कि मजबूत युवा संपर्क हाल के शहरी सीटों में हुए नुकसान की भरपाई कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वंदे मातरम जैसे प्रतीक का उपयोग दोनों दलों के लिए दोहरी धार साबित हो सकता है। एक ओर यह युवा में गर्व जगाता है, दूसरी ओर विपक्ष इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर सकता है। स्मृति ईरानी की भूमिका इसलिए अहम है क्योंकि वे महिला और युवा दोनों वर्गों को संबोधित करती हैं। पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक प्रतीकवाद संवेदनशीलता के बिना ध्रुवीकरण को गहरा कर सकता है। अभियान की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि युवा कितना इससे जुड़ पाते हैं और कांग्रेस की आलोचना कितनी असरदार साबित होती है। अगले कुछ हफ्तों में सोशल मीडिया ट्रेंड और ज़मीनी प्रतिक्रिया से तय होगा कि यह मुहिम वोट में कितना तब्दील होती है। दोनों दल दैनिक आधार पर सहभागिता विश्लेषण की निगरानी करेंगे ताकि संदेश को समायोजित किया जा सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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