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भाजपा संसदीय बोर्ड में फेरबदल की अटकलें: योगी और फडणवीस की एंट्री तय?

26/8/2026, 1:26:18 am
भाजपा संसदीय बोर्ड में फेरबदल की अटकलें: योगी और फडणवीस की एंट्री तय?
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भाजपा के संसदीय बोर्ड में जल्द ही बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार यह कदम 2024 के आम चुनाव से पहले संगठन को नई धार देने के लिए उठाया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बोर्ड में शामिल करने की योजना बन रही है। दोनों नेता अपने राज्यों में मजबूत जनाधार रखते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। योगी आदित्यनाथ की छवि कट्टर हिंदुत्व और सुशासन की है, जबकि फडणवीस को आर्थिक सुधारों और प्रशासनिक क्षमता के लिए जाना जाता है। इन दोनों की एंट्री से बोर्ड में उत्तर और पश्चिम भारत का प्रतिनिधित्व संतुलित हो सकता है। मौजूदा बोर्ड के कुछ वरिष्ठ सदस्यों की जगह खाली होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और पीयूष गोयल जैसे नेताओं को बोर्ड से बाहर किया जा सकता है। हालांकि पार्टी की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है और अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अध्यक्ष जेपी नड्डा लेंगे। बोर्ड की बैठक अगले महीने संभावित है, जहां नए सदस्यों के नामों पर मुहर लगेगी। बोर्ड में अभी 11 सदस्य हैं, जिनमें प्रधानमंत्री, अध्यक्ष, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री जैसे प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं। पिछली बार 2019 में बोर्ड का पुनर्गठन हुआ था और तब से कई बड़े नेता इसमें बने हुए हैं। नए बदलाव से पार्टी की आंतरिक राजनीति और चुनावी रणनीति पर असर पड़ना तय है। पार्टी युवा मतदाताओं और क्षेत्रीय असर को साधने के लिए नए चेहरों को आगे लाना चाहती है। तब तक अटकलें जारी रहेंगी और मीडिया में अलग-अलग नाम सामने आते रहेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बोर्ड में युवा और क्षेत्रीय नेताओं को लाने से पार्टी का संदेश जनता तक अधिक स्पष्ट पहुंचेगा। इससे विपक्षी दलों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। कुछ वरिष्ठ नेताओं ने निजी बातचीत में कहा है कि वे बोर्ड से बाहर होने की स्थिति में भी पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। उनका मानना है कि संगठन की मजबूती व्यक्तिगत पद से ऊपर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बोर्ड की नई संरचना में महिला नेताओं को भी जगह देने पर विचार हो रहा है, हालांकि अभी तक कोई नाम सामने नहीं आया है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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