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भारत

भाजपा में आरक्षण पर तनाव, मांझी‑चिराग को संयम की नसीहत

1/9/2026, 2:58:54 am
भाजपा में आरक्षण पर तनाव, मांझी‑चिराग को संयम की नसीहत
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भाजपा में आरक्षण के मुद्दे पर आंतरिक तनाव बढ़ गया है। वरिष्ठ नेता जीतन राम मांझी और चिराग पासवान ने हाल में सार्वजनिक बयान दिए जिनसे सहयोगी दलों में नाराजगी फैली। पार्टी आलाकमान ने दोनों को संयम बरतने की सलाह दी है। सूत्रों के अनुसार मांझी ने पटना में एक कार्यक्रम में कहा कि आरक्षण की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए ताकि पिछड़े वर्ग को अधिक लाभ मिले। चिराग पासवान ने भी दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में इसी तरह की मांग दोहराई और कहा कि सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण का विस्तार जरूरी है। दोनों बयान मीडिया में प्रमुखता से छपे और विपक्ष ने इन्हें भाजपा की आंतरिक फूट के रूप में पेश किया। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह ने अलग‑अलग बैठकों में दोनों नेताओं से बात की। उन्हें स्पष्ट किया गया कि आरक्षण नीति पर कोई भी सार्वजनिक टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक लाइन के विपरीत न हो। नेताओं को यह भी कहा गया कि वे अपने बयानों से गठबंधन सहयोगियों को नाराज न करें। मांझी ने बाद में पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और कहा कि वे पार्टी के निर्देश का पालन करेंगे। चिराग ने ट्वीट करके संयम रखने की बात दोहराई और अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। हालांकि दोनों नेताओं के समर्थक सोशल मीडिया पर अपनी मांग जारी रखे हुए हैं और हैशटैग ट्रेंड करा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस मुद्दे पर एकजुट संदेश देना चाहती है, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए। पार्टी नहीं चाहती कि आरक्षण का मुद्दा चुनावी अभियान में विवाद का केंद्र बने और मतदाताओं में भ्रम फैले। उधर विपक्षी दलों ने भाजपा की आंतरिक कलह को मुद्दा बनाते हुए प्रचार तेज कर दिया है। कांग्रेस और राजद ने कहा कि भाजपा अपने ही नेताओं को नियंत्रित नहीं कर पा रही और सामाजिक न्याय की बात केवल चुनावी नारा है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं को लिखित निर्देश जारी किया है जिसमें मीडिया से बातचीत की सीमा तय की गई है। आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए अगले सप्ताह दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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