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भारत

भाजपा संसदीय बोर्ड: योगी या फडणवीस – कौन बनेगा नया सदस्य?

17/8/2026, 11:37:47 pm
भाजपा संसदीय बोर्ड: योगी या फडणवीस – कौन बनेगा नया सदस्य?
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भाजपा संसदीय बोर्ड में नया सदस्य कौन बनेगा, इस सवाल पर पार्टी के अंदर और बाहर दोनों तरफ चर्चा तेज हो गई है। मुख्य दावेदार दो हैं – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। योगी आदित्यनाथ के पास विशाल जनाधार है और वे हिंदुत्व की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं। दूसरी ओर देवेंद्र फडणवीस के पास संगठन चलाने का लंबा अनुभव, चुनावी रणनीति बनाने की क्षमता और गठबंधन प्रबंधन की कला है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि दोनों नेताओं ने अपने-अपने समर्थक जुटाने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई बैठकें की हैं। योगी के समर्थक दावा करते हैं कि उनका नाम उत्तर भारत के मतदाताओं को आकर्षित करता है और वे पार्टी की छवि को मजबूत करते हैं। फडणवीस के करीबी कहते हैं कि वे संसदीय कार्यवाही, विधेयक ड्राफ्टिंग और सीट बंटवारे जैसे तकनीकी पहलुओं में माहिर हैं। हाल के चुनावों में दोनों ने अपनी क्षमता साबित की है – योगी ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाया। फडणवीस ने 2019 और 2024 के महाराष्ट्र चुनावों में पार्टी को सत्ता में लाने और सरकार चलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। अब पार्टी आलाकमान के सामने दो विकल्प हैं – जनाधार को प्राथमिकता देना या रणनीतिक दक्षता को तरजीह देना। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बोर्ड में दोनों को जगह मिल सकती है, लेकिन एक ही पद के लिए अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और अध्यक्ष करेंगे। अगले कुछ हफ्तों में बोर्ड की बैठक होने की संभावना है और तब तस्वीर साफ होगी। तब तक कार्यकर्ता दोनों नेताओं के नाम पर अपनी-अपनी उम्मीदें लगा रहे हैं और सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि बोर्ड में अनुभव और जनसमर्थन दोनों का संतुलन जरूरी है। इस बयान के बाद दोनों खेमों ने अपनी दावेदारी और मजबूत की है। कुछ पर्यवेक्षकों का कहना है कि योगी को बोर्ड में लाने से पार्टी की हिंदुत्व छवि और मजबूत होगी। वहीं फडणवीस को शामिल करने से संसदीय कार्यकुशलता और विधायी प्रक्रिया में तेजी आएगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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