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ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक आज, विझिंजम बंदरगाह से कारोबार शुरू

17/8/2026, 11:55:09 pm
ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक आज, विझिंजम बंदरगाह से कारोबार शुरू
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नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की अहम बैठक आज हो रही है। इसमें जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और सतत विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत की ओर से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव भाग ले रहे हैं। बैठक में पांचों सदस्य देश — ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका — अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों और साझा रणनीति पर बात करेंगे। पिछले साल जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन में बनी सहमति को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। उधर, केरल के विझिंजम बंदरगाह से आज निर्यात-आयात का व्यावसायिक परिचालन शुरू हो गया। यह बंदरगाह अडाणी समूह ने विकसित किया है। पहली खेप लेकर एक कंटेनर जहाज यहां से रवाना हुआ। विझिंजम भारत का पहला गहरे पानी का ट्रांसशिपमेंट हब है। इससे देश को सालाना लाखों डॉलर की बचत होगी, क्योंकि अब भारतीय कार्गो को कोलंबो या सिंगापुर नहीं भेजना पड़ेगा। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसे केरल की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताया। ब्रिक्स बैठक में भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की प्रगति साझा करेगा। भूपेंद्र यादव ने कहा कि विकसित देशों को जलवायु वित्त के वादे पूरे करने चाहिए। चीन और ब्राजील भी अपने कार्बन न्यूट्रलिटी लक्ष्य रखेंगे। दक्षिण अफ्रीका कोयले पर निर्भरता घटाने की योजना बताएगा। विझिंजम परियोजना 2015 में शुरू हुई थी। विवादों और देरी के बाद अब यह चालू हुआ है। बंदरगाह की क्षमता सालाना 10 लाख TEU है। पहले चरण में 7600 करोड़ रुपये लगे। पूरा होने पर यह एशिया के सबसे बड़े बंदरगाहों में गिना जाएगा। स्थानीय मछुआरों के पुनर्वास और पर्यावरण मंजूरी पर लंबी बातचीत चली। अब रोजगार के हजारों अवसर खुलेंगे। दोनों घटनाक्रम भारत की वैश्विक भूमिका और बुनियादी ढांचे की रफ्तार दिखाते हैं। ब्रिक्स मंच पर भारत पर्यावरण न्याय की आवाज बुलंद कर रहा है। विझिंजम से समुद्री व्यापार में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। आने वाले दिनों में इनके ठोस नतीजे सामने आएंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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