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ब्राजील के बेलेम ने मच्छरों से ही मच्छरों को हराया, डेंगू के मामले 70% घटे

15/8/2026, 1:35:42 am
ब्राजील के बेलेम ने मच्छरों से ही मच्छरों को हराया, डेंगू के मामले 70% घटे
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ब्राजील के उत्तरी शहर बेलेम ने डेंगू के खिलाफ एक अनोखी जंग छेड़ी — मच्छरों को ही मच्छरों का दुश्मन बना दिया। यहां वैज्ञानिकों ने एडीज एजिप्टी मच्छरों में वोल्बाकिया नामक एक प्राकृतिक बैक्टीरिया डाला। यह बैक्टीरिया इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन मच्छर के अंदर डेंगू, चिकनगुनिया और जीका जैसे वायरस को पनपने से रोकता है। पिछले कुछ सालों में लाखों ऐसे मच्छर शहर के अलग-अलग इलाकों में छोड़े गए। ये मच्छर स्थानीय आबादी के साथ मिलकर प्रजनन करते हैं और धीरे-धीरे वोल्बाकिया वाली आबादी बढ़ती जाती है। नतीजा: बेलेम में डेंगू के मामलों में करीब 70% की गिरावट दर्ज की गई। यह तरीका 'वर्ल्ड मॉस्किटो प्रोग्राम' के तहत ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और कोलंबिया जैसे देशों में पहले भी आजमाया जा चुका है। हर जगह नतीजे उत्साहजनक रहे हैं। खास बात यह है कि इसमें न तो कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ता है और न ही मच्छरों को मारना पड़ता है। भारत के लिए यह मॉडल बेहद अहम है। यहां हर साल लाखों लोग डेंगू की चपेट में आते हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे महानगरों में बारिश के बाद हालात बिगड़ जाते हैं। फॉगिंग और लार्वा नष्ट करने के पारंपरिक उपाय सीमित असर दिखाते हैं। वोल्बाकिया तकनीक एक स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प हो सकती है। हालांकि, इसे अपनाने के लिए बड़े पैमाने पर लैब सुविधा, प्रशिक्षित कर्मचारी और जन-जागरूकता की जरूरत होगी। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) इस दिशा में पहले से शोध कर रहा है। अगर बेलेम की सफलता को भारतीय परिस्थितियों के मुताबिक ढाला जाए, तो डेंगू के खिलाफ जंग में बड़ा मोड़ आ सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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