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ब्रिक्स केवल बाजार नहीं, आर्थिक नेटवर्क है: जय श्रॉफ

11/9/2026, 5:13:27 am
ब्रिक्स केवल बाजार नहीं, आर्थिक नेटवर्क है: जय श्रॉफ
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ब्रिक्स देशों के नेता लगातार यह बताते रहे हैं कि यह समूह सिर्फ बड़े बाजारों का जमावड़ा नहीं है, बल्कि एक मजबूत आर्थिक नेटवर्क है। हाल ही में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम में अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ जय श्रॉफ ने कहा कि हर सदस्य देश की क्षमता दूसरे की कमियों को पूरा कर सकती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि चीन की निर्माण क्षमता, भारत की सेवा क्षेत्र की ताकत, रूस की ऊर्जा संपदा और ब्राज़ील की कृषि समृद्धि मिलकर पूरे समूह को संतुलित बनाती हैं। जब कोई देश किसी क्षेत्र में अतिरिक्त उत्पादन या विशेषज्ञता रखता है, तो वह दूसरे देश की जरूरत पूरी कर सकता है, जिससे सभी को लाभ होता है। श्रॉफ ने आगे कहा कि इस नेटवर्क की सफलता आपसी विश्वास और नियमित संवाद पर निर्भर करती है। फोरम की बैठकों में केवल व्यापार समझौते नहीं होते, बल्कि तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी चर्चा होती है। इन पहलों से सदस्य देशों की आर्थिक वृद्धि दर सुधरती है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन बढ़ता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ब्रिक्स इस आर्थिक नेटवर्क को और मजबूत बनाता है, तो वह पश्चिम-केंद्रित वित्तीय संस्थानों का विकल्प बन सकता है। यह न केवल सदस्य देशों को अधिक स्वायत्तता देता है, बल्कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक निर्णय-निर्माण में आवाज भी देता है। जय श्रॉफ ने अंत में कहा कि जब एक की ताकत दूसरे के काम आती है, तो पूरे समूह की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ती है, और यही ब्रिक्स की असली ताकत है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि डिजिटल भुगतान प्रणाली और साझा डेटा प्लेटफॉर्म जैसे नए उपकरण सदस्यों के बीच लेन-देन को तेज और पारदर्शी बना सकते हैं। साथ ही, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा जैसे साझा मुद्दों पर संयुक्त अनुसंधान से दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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