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ब्रिक्स सम्मेलन 2026: मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग दिल्ली में जुटे, नई विश्व व्यवस्था के संकेत

27/8/2026, 11:02:58 pm
ब्रिक्स सम्मेलन 2026: मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग दिल्ली में जुटे, नई विश्व व्यवस्था के संकेत
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दिल्ली में 2026 का ब्रिक्स सम्मेलन शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया। सम्मेलन का मुख्य विषय वैश्विक आर्थिक सहयोग और नई विश्व व्यवस्था की रूपरेखा तय करना है। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश मिलकर विकास की नई राह बना सकते हैं। उन्होंने ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त कार्य योजना का प्रस्ताव रखा। पुतिन ने रूस की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स मंच से पश्चिमी प्रतिबंधों का असर कम किया जा सकता है। शी जिनपिंग ने चीन की बेल्ट एंड रोड पहल को ब्रिक्स के साथ जोड़ने की बात कही। उन्होंने डिजिटल अर्थव्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर सहयोग की मांग की। भारत ने अपनी अध्यक्षता में दक्षिण एशिया की आवाज को मजबूत करने का प्रयास किया। मोदी ने अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों को भी आमंत्रित किया। सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं। मोदी-पुतिन और मोदी-शी की बातचीत में रक्षा, परमाणु ऊर्जा और सीमा विवाद पर चर्चा हुई। विशेषज्ञ मानते हैं कि दिल्ली में जुटे तीनों नेताओं की मौजूदगी नई विश्व व्यवस्था का संकेत देती है। आगे की बैठकों में ठोस समझौतों की उम्मीद है। ब्रिक्स के वर्तमान सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इस बार अर्जेंटीना, मिस्र और इंडोनेशिया को पर्यवेक्षक के रूप में बुलाया गया है। सम्मेलन के एजेंडा में वित्तीय संस्थानों की सुधार, नई मुद्रा व्यवस्था और व्यापार बाधाओं को कम करना शामिल है। भारत ने अपनी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना 'भारत स्टैक' को ब्रिक्स देशों के साथ साझा करने का प्रस्ताव रखा। पर्यावरण के मोर्चे पर, मोदी ने सौर ऊर्जा गठबंधन का विस्तार करने की घोषणा की। सुरक्षा परिषद सुधार पर भी चर्चा हुई। पुतिन और शी ने संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सीट की मांग दोहराई। सम्मेलन के आखिरी दिन संयुक्त घोषणापत्र जारी किया जाएगा। इसमें ब्रिक्स बैंक की पूंजी बढ़ाने और नई विकास परियोजनाओं को मंजूरी देने का प्रावधान होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोदी ने पुतिन और शी के साथ अनौपचारिक रात्रिभोज भी किया। इस दौरान व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स का यह पहला सम्मेलन है जो नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक से वैश्विक दक्षिण के देशों की आवाज और मजबूत होगी। आने वाले वर्षों में ब्रिक्स का प्रभाव और बढ़ सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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