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भारत

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: कागजी वादों से आगे बढ़कर कारोबारी सच का सामना

9/9/2026, 11:35:47 pm
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: कागजी वादों से आगे बढ़कर कारोबारी सच का सामना
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं ने इस बार व्यापार और निवेश के नए मार्ग खोलने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच टैरिफ बाधाओं को कम करना, विनियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना प्राथमिकता होगी। इन बयानों के पीछे स्पष्ट संदेश था कि कागजी समझौतों को कारोबारी अवसरों में बदला जाना आवश्यक है। लेकिन जमीन पर स्थिति अभी भी जटिल दिखती है। कई उद्योगपति बताते हैं कि सीमा शुल्क clearance में देरी, अलग‑अलग मानक और स्थानीय नियमों के कारण शिपमेंट हफ्तों तक रुक जाती है। उदाहरण के लिए, भारत की दवा कंपनियों को दक्षिण अफ्रीका और ब्राज़ील में अपने उत्पादों को पंजीकृत करने में महीनों लगते हैं, जबकि चीन के निर्माता आयात शुल्क में छूट का लाभ उठाते हैं। ऐसे में वादों का असली परीक्षण नीति समन्वय और प्रक्रिया सुधार में दिखता है। विशेष रूप से, विनिर्माण क्षेत्र ने उम्मीद जताई है कि ब्रिक्स देशों के बीच घटक आपूर्ति श्रृंखला को एकीकृत करने से लागत में 10‑15 प्रतिशत की कमी आएगी। इसी तरह, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों नेcross‑border डेटा प्रवाह को सुगम बनाने के लिए समान डेटा संरक्षण मानकों का आह्वान किया है। कृषि क्षेत्र ने बीज और उर्वरक के व्यापार को सरल करने के लिए एक संयुक्त प्रयोगशाला नेटवर्क का प्रस्ताव रखा है। इन क्षेत्र‑विशिष्ट पहलों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या सदस्य देश अपने घरेलू कानूनों को अंतर‑राष्ट्रीय समझौतों के अनुरूप जल्दी से संशोधित कर पाते हैं। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स को एक स्थायी कार्यकारी निकाय बनाना चाहिए, जोquarterly बैठकों के माध्यम से टैरिफ शेड्यूल, मानक स्वीकृति प्रक्रिया और लॉजिस्टिक बुनियादी ढाँचे की प्रगति की निगरानी करे। इसके साथ ही, एक सामान्य भुगतान प्लेटफॉर्म विकसित करके मुद्रा जोखिम को कम किया जा सकता है, जिससे छोटे और मध्यम उद्यम भी सीम पार व्यापार में सक्रिय भागीदारी ले सकें। इन उपायों से न केवल व्यापार की मात्रा बढ़ेगी, बल्कि सदस्य देशों के बीच भरोसा भी कायम होगा। जब कागजी वादे धरातल पर बदलते नज़र आएंगे, तभी ब्रिक्स का verdadeiro potencia (सच्ची क्षमता) पूरी तरह से सामने आ सकेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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