लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

बृजभूषण शरण सिंह केस: फैसला सार्वजनिक न होने पर उठे सवाल

15/8/2026, 5:23:47 am
बृजभूषण शरण सिंह केस: फैसला सार्वजनिक न होने पर उठे सवाल
Original publisher image
दिल्ली हाई कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में फैसला वेबसाइट पर नहीं डाला। वकीलों को आदेश किसी और को देने से रोका गया। यह असामान्य कदम है। बृजभूषण शरण सिंह भाजपा के सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष हैं। महिला पहलवानों ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। कोर्ट ने फैसला सुनाया लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया। वकीलों को आदेश की कॉपी दूसरे पक्ष को देने से मना किया गया। कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह पारदर्शिता के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक आदेश को जनता के सामने रखना ज़रूरी है। इससे न्याय प्रणाली पर भरोसा बना रहता है। दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ने बताया कि तकनीकी कारणों से आदेश अपलोड नहीं हो सका। उन्होंने जल्द ही इसे वेबसाइट पर डालने का वादा किया। पहलवानों के वकील ने कहा कि आदेश न मिलने से उनकी लड़ाई कमजोर होती है। वे अदालत से आदेश की प्रति मांग रहे हैं। इस मामले ने न्यायिक प्रक्रिया की खुलेपन पर बहस छेड़ दी है। नागरिक समाज और मीडिया मांग कर रहे हैं कि सभी अदालती फैसले समय पर सार्वजनिक किए जाएं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित