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कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता की श्रीरामपुर सभा को दी मंज़ूरी, 1,000 लोगों की सीमा तय

17/9/2026, 3:12:00 am
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता की श्रीरामपुर सभा को दी मंज़ूरी, 1,000 लोगों की सीमा तय
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की श्रीरामपुर में प्रस्तावित जनसभा को हरी झंडी दे दी। अदालत ने कहा कि सभा में अधिकतम एक हज़ार लोग ही शामिल हो सकेंगे। जस्टिस एस. के. मिश्रा की बेंच ने पुलिस की उस अर्जी को मान लिया जिसमें कहा गया था कि बड़ी भीड़ से कानून‑व्यवस्था बिगड़ सकती है। कोर्ट ने साथ ही जीटी रोड पर किसी भी तरह के जुलूस या रैली निकालने पर रोक लगा दी। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि वे अदालत की शर्तों का पूरी तरह पालन करेंगे। पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि सभा की तैयारी पहले से चल रही है और सुरक्षा इंतज़ाम भी पूरे किए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने कोर्ट के आदेश को राजनीतिक दबाव का नतीजा बताया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक हज़ार की सीमा लगाना जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश है। उन्होंने मांग की कि अदालत अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। पुलिस ने बताया कि सभा स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और अतिरिक्त बल तैनात रहेगा। किसी भी अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस फैसले के बाद श्रीरामपुर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि वे सभा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा नहीं चाहते। वे उम्मीद करते हैं कि आयोजन शांतिपूर्ण रहेगा। इस मामले की सुनवाई पिछले सप्ताह शुरू हुई जब पुलिस ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर दी थी। तृणमूल कांग्रेस ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की और दावा किया कि सभा शांतिपूर्ण होगी और जनता के मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन जरूरी है। इसलिए उसने भीड़ की संख्या तय की और जुलूस पर रोक लगाई, ताकि यातायात और आम जनजीवन प्रभावित न हो। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फैसले को संतुलित बताया और उम्मीद जताई कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी। वहीं कुछ नागरिक संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन सख्ती से पालन नहीं करवाता तो स्थिति बिगड़ सकती है। अब सभी निगाहें 20 सितंबर को होने वाली सभा पर टिकी हैं। प्रशासन ने पूरे इलाके में ड्रोन निगरानी और मोबाइल जैमर लगाने की योजना बनाई है। आयोजकों ने भी वॉलिंटियर्स को तैनात कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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